“स्पर्श– ऋतुओं की अनुभूति” में झलकी संस्कृति और चेतना की रंगत..नारायणा ई-टेक्नो स्कूल का प्रथम वार्षिक समारोह बना शिक्षा, पर्यावरण और मूल्यों का प्रेरक मंच!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) नारायणा ई-टेक्नो स्कूल बिलासपुर का प्रथम वार्षिक समारोह “स्पर्श– ऋतुओं की अनुभूति” भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। यह आयोजन केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव भर नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति, क्षेत्रीय अस्मिता, पर्यावरणीय जागरूकता और सामाजिक दायित्व का सशक्त संदेश देने वाला मंच भी साबित हुआ। रंगारंग प्रस्तुतियों और प्रेरक उद्बोधनों से सुसज्जित इस समारोह ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति आचार्य प्रो. अरुण दिवाकर नाथ बाजपेई ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में शिक्षा व्यवस्था में क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संस्कृत एवं छत्तीसगढ़ी भाषा को पाठ्यक्रम का अभिन्न अंग बनाने की बात कही और विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को मूल्यनिष्ठ और आदर्श शैक्षणिक वातावरण के निर्माण हेतु प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टर, विश्वस्तरीय एथलीट, तैराक एवं मोटिवेशनल कोच रोहन शाह ने विद्यार्थियों को अपने संघर्ष, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की प्रेरक यात्रा से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को वैश्विक मंच तक पहुंचाने में विद्यालय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और सही मार्गदर्शन तथा परिश्रम से हर विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय पहचान बना सकता है। आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र, ईवी क्रैश एवं सेफ्टी के वरिष्ठ अभियंता तथा ‘छत्तीसगढ़ गाइड’ के रूप में लोकप्रिय प्रदीप साहू ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए समन्वय, टीमवर्क और सकारात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए बताया कि सामूहिक प्रयास और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय के प्राचार्य प्रभाष चंद्र झा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने स्थापना के प्रथम वर्ष में प्राप्त शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक और संस्थागत उपलब्धियों का विस्तृत विवरण दिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 56 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे समारोह और भी प्रेरणादायक बन गया। समारोह में सीएमएचओ पेंड्रा डॉ. राधेश्याम शर्मा, विधि संकाय के पूर्णेंदु भट्ट, प्रलय शर्मा राजा, समृद्धि एक पहल फाउंडेशन के संस्थापक अभिषेक सिंह ठाकुर, नारायणा स्कूल रायपुर की प्राचार्या हर्रीत कौर, नारायणा स्कूल भिलाई के प्राचार्य संतोष कुमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण प्रसिद्ध रैप तिकड़ी नन्यू, DADA2211 एवं ललित साहू की प्रस्तुति रही। उन्होंने हसदेव जंगल संरक्षण पर आधारित प्रभावशाली रैप प्रस्तुत कर पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। अतिथियों का परिचय विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल विनीता श्रीवास्तव और रीता मुखर्जी द्वारा दिया गया। मंच संचालन और संपूर्ण व्यवस्थाएं समृद्धि एक पहल फाउंडेशन द्वारा की गईं, जबकि मंचीय सहयोग नवकृति थिएटर आर्ट्स ने प्रदान किया। नृत्य निर्देशन नरेश राव और विद्यालय की नृत्य शिक्षिका नीत्या खत्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में एजीएम आर. नवीन कुमार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन शुभांक सिंह ठाकुर द्वारा प्रस्तुत किया गया। “स्पर्श– ऋतुओं की अनुभूति” ने यह सिद्ध कर दिया कि नारायणा ई-टेक्नो स्कूल बिलासपुर शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों के संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है। यह आयोजन विद्यालय की उस सोच का परिचायक रहा, जिसमें ज्ञान के साथ संवेदना और परंपरा का संतुलित समावेश है।
