ऑर्केस्ट्रा विवाद, अश्लील कार्यक्रम में SDM और पुलिस की मौजूदगी, समिति के 14 सदस्यों को किया गिरफ्तार…..

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) गरियाबंद जिले से सामने आए ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के वीडियो ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मैनपुर विकासखंड के उरमाल गांव में आयोजित एक ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य किए जाने के आरोप लगे हैं। कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि मंच पर डांसर्स द्वारा मर्यादा की सीमाएं लांघी गईं और दर्शकों के बीच मौजूद कुछ लोगों ने खुलेआम पैसे लुटाए। सबसे गंभीर बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान मैनपुर SDM तुलसी दास मरकाम और कई पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। वायरल वीडियो में SDM को मोबाइल से वीडियो बनाते हुए भी देखा गया है। मामले के सामने आने के बाद गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने तत्काल कार्रवाई करते हुए SDM तुलसी दास मरकाम को पद से हटा दिया है। उनके खिलाफ जांच समिति गठित कर दी गई है और सोमवार से औपचारिक जांच शुरू की जा रही है। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी सख्ती दिखाई है। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर्य ने कार्यक्रम में अनुशासनहीनता के आरोप में देवभोग थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक डिलोचन रावटे, आरक्षक शुभम चौहान और आरक्षक जय कंसारी को निलंबित कर दिया है। इस मामले में आयोजन समिति के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर अश्लीलता फैलाने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप हैं। बताया गया है कि आयोजन के लिए 29 दिसंबर 2025 को SDM से अनुमति ली गई थी, लेकिन कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति अनुमति शर्तों से अलग पाई गई। कार्यक्रम में ओडिशा के कटक से जय दुर्गा ओपेरा की डांसर्स को बुलाया गया था। 8, 9 और 10 जनवरी को हुए इस आयोजन का प्रचार बड़े पैमाने पर किया गया था। टिकट की कीमत 200 से 400 रुपये रखी गई थी और आयोजन समिति प्रतिदिन भारी रकम का भुगतान कर रही थी। बाल संरक्षण आयोग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए हैं कि यह जांच की जाए कि कार्यक्रम के दौरान कहीं कोई नाबालिग मौजूद तो नहीं था। आयोग ने 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
