बिलासपुर; कागज़ों में अलर्ट, सड़कों से गायब पुलिस..नए साल की रात बिलासपुर में सुरक्षा व्यवस्था फेल, कई चौक-चौराहों पर नहीं दिखे जवान!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) नए साल के जश्न को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस द्वारा किए गए तमाम दावे 31 दिसंबर की रात जमीनी हकीकत में खोखले साबित होते नजर आए। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर जिलेभर में 74 चेकिंग पॉइंट, 700 से 800 पुलिसकर्मियों की तैनाती, ड्रोन, स्पीड रडार और ब्रेथ एनालाइजर से निगरानी की बात कही गई थी, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखी। रफ्तार न्यूज़ सीजी की टीम ने जब रात के समय शहर का वास्तविक हाल जानने के लिए भ्रमण किया, तो कई प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी नदारद मिली। सीपत चौक और महाराणा प्रताप चौक पर पुलिस जवानों द्वारा चेकिंग की जा रही थी, लेकिन तारबहार थाना क्षेत्र के पुराना बस स्टैंड पर रात करीब 2 बजे एक भी पुलिस जवान मौके पर मौजूद नहीं था। यही हाल सिटी कोतवाली क्षेत्र के गांधी चौक का रहा, जहां पुलिस की एक भी टीम नजर नहीं आई। इतना ही नहीं, गांधी चौक से कुछ दूरी पर स्थित तेलीपारा चौक पर भी कोई जवान तैनात नहीं था। हालांकि सदर बाजार में रात 2 बजे तक कुछ पुलिसकर्मी ड्यूटी करते दिखे, लेकिन शहर के कई संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ढीली नजर आई। सूत्रों के मुताबिक ठंड की वजह से कई पुलिस जवान अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र छोड़कर थानों में ही पहरा देते पाए गए। यह दावा किया गया कि हर चौक-चौराहे पर निगरानी रखी जा रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई ने इन दावों की पोल खोल दी। बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान ही पुलिसकर्मी चौक पर सक्रिय दिखे, निरीक्षण खत्म होते ही अधिकांश जवान गायब हो गए। नए साल की रात, जब सुरक्षा व्यवस्था सबसे ज्यादा मजबूत होनी चाहिए थी, उस समय पुलिस की यह लापरवाही कई सवाल खड़े करती है। साफ तौर पर यह स्थिति बताती है कि बिलासपुर में पुलिस की निगरानी व्यवस्था कागज़ों तक सीमित रह गई और जमीनी स्तर पर केवल दिखावा बनकर रह गया हैं।
