बिलासपुर; डीआरएम बदलते ही बिलासपुर रेल मंडल में सुरक्षा पर फोकस, CRS जेके गर्ग और नए डीआरएम ने किया ट्रैक निरीक्षण…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर रेल मंडल में नए डीआरएम के पदभार संभालते ही रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) जेके गर्ग ने बिलासपुर–चांपा रेल खंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रेलवे ट्रैक की स्थिति, सिग्नलिंग सिस्टम, ओएचई, परिचालन व्यवस्था और रखरखाव कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के बाद CRS गर्ग ने महाप्रबंधक तरुण प्रकाश और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संरक्षा कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और समय पर पूरे किए जाएं। साथ ही फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। CRS गर्ग ने अधिकारियों को चेताया कि संभावित जोखिमों की पहचान पहले ही कर ली जाए, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि सतर्कता और बेहतर योजना से दुर्घटनारहित रेल संचालन संभव है। दरअसल, बिलासपुर–गतौरा रेल हादसे के बाद रेलवे प्रशासन सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। इसी क्रम में लगातार ट्रैक और रेल व्यवस्था की जांच की जा रही है। वहीं, बिलासपुर रेल मंडल के नए डीआरएम राकेश रंजन ने चार्ज लेते ही दफ्तर में बैठने के बजाय सीधे फील्ड का रुख किया। उन्होंने अकलतरा से चांपा और आगे गेवरारोड तक पूरे रेल सेक्शन का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण किया। अकलतरा स्टेशन पर डीआरएम ने पैनल रूम, क्रू लॉबी और रनिंग रूम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद जांजगीर–नैला स्टेशन में यार्ड, सिग्नल और पॉइंट्स की कार्यप्रणाली की जांच की गई। चांपा–गेवरारोड सेक्शन में लेवल क्रॉसिंग, यार्ड और लॉन्ग लूप्स का निरीक्षण किया गया। गेवरारोड स्टेशन पर चल रहे यार्ड री-मॉडलिंग और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं कोरबा स्टेशन पर क्रू लॉबी, रनिंग रूम, पैनल, पॉइंट्स और की-मैन कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रेल प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और निर्बाध रेल परिचालन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और आने वाले दिनों में निरीक्षण अभियान और तेज किया जाएगा।


















