VIDEO: सीपत; सरपंच की मनमानी..रिजर्व फॉरेस्ट से मुरुम का अवैध खनन..वन विभाग पहुंचने से पहले ही जेसीबी गायब, कार्रवाई की उठी मांग!

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी विकासखंड के ग्राम पंचायत ठरकपुर में सरपंच चन्द्रभूषण कश्यप पर नियमों को ताक पर रखकर रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र (आरएफ-3) से मुरुम का अवैध उत्खनन कराने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि बीते दो दिनों में सैकड़ों ट्रैक्टर मुरुम की खुदाई कर पंचायत भवन सहित अन्य कार्यों में उपयोग किया गया। सूत्रों के अनुसार जनपद पंचायत मस्तूरी द्वारा भूमि समतलीकरण के लिए 2 लाख 77 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। नियमानुसार यह मुरुम लीज खदान से खरीदी जानी थी, लेकिन आरोप है कि सरपंच ने सीधे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र से अवैध खुदाई कराई।
मीडिया टीम को देख भागे जेसीबी-ट्रैक्टर……
जब रफ्तार न्यूज सीजी की टीम कवरेज के लिए मौके पर पहुंची और तस्वीरें लेने लगी, तो सरपंच ने खुदाई में लगी जेसीबी मशीन और तीन ट्रैक्टरों को तत्काल वहां से हटा दिया।
मनरेगा से बने तालाब से भी उत्खनन का आरोप…….
ग्रामीणों का आरोप है कि यह अवैध खुदाई सिद्ध बाबा प्लॉट में बने उस तालाब से की जा रही थी, जिसकी खुदाई वर्ष 2022-23 में मनरेगा मद से लगभग 3 लाख रुपये की लागत से हुई थी। यह क्षेत्र भी रिजर्व फॉरेस्ट के अंतर्गत आता है।
वन विभाग मौके पर पहुंचा, पंचनामा तैयार……
अवैध उत्खनन की सूचना पर सीपत सर्किल के डिप्टी रेंजर एल.के. गढ़ेवाल, बिट गार्ड केशव गोस्वामी एवं राजा बघेल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मशीनें हटाई जा चुकी थीं। डिप्टी रेंजर गढ़ेवाल ने पुष्टि की कि यह इलाका आरएफ-3 के अंतर्गत आता है। सरपंच का बयान लेकर पंचनामा तैयार किया गया, मौके की नाप-जोख भी की गई है और पूरी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
कड़ी कार्रवाई के संकेत…….
इस मामले में रेंजर शुभम मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि वन भूमि पर खुदाई एक गंभीर अपराध है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जरूरत पड़ी तो जेल भेजने की कार्रवाई भी होगी।
पंचायत सचिव ने जताई अनभिज्ञता……..
पंचायत सचिव राकेश पटेल ने बताया कि उन्होंने ठरकपुर पंचायत का प्रभार एक सप्ताह पहले ही संभाला है, इसलिए उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।


















