समाजसेवी महिला ने नेताओं की उड़ा दी नींद…..? गाँव की समस्याओ को निबटाने में महिला हर कदम आगे……! राजनितिक समीकरण बिगाड़ा महिला ने….?

बिलासपुर:- (शेख असलम की रिपोर्ट) मुंगेली जिले के मुंगेली विधानसभा में इन दिनों बवाल मचा हुआ है, जहाँ पर चुनाव लड़ने वालो की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। जहाँ एक तरफ भाजपा से वर्तमान विधायक साथ-साथ अन्य भाजपा नेता भी टिकिट की दौड़ में शामिल होकर अपना एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है.. वहीं कांग्रेस में भी दावेदारो के बीच भयंकर घमासान मचा हुआ है, इसमें टिकिट की होड़ में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के अलावा छुटभैये नेता भी लगे हुए है, जिनको उम्मीद है कि इस बार टिकिट उनको ही मिलेगा। जिसके कारण कांग्रेस के कुछ पूर्व नेता और वर्तमान नेताओं के अलावा कुछ अन्य लोग भी अपना भाग्य आजमा रहे है, इसमें से कुछ नेता तो एक होकर मुर्गा पार्टी भी कर चुके है, जिसके कारण अब अफवाहों का बाजार गर्म हो चुका है। दरसल मुंगेली जिले का चुनावी समीकऱण अब बहुत अजीबोगरीब हो चुका है, सूत्र बता रहे है की मुंगेली जिले के पूर्व जनपद सदस्य की समाजसेवी पत्नी डॉ.सरिता भारद्वाज भी अब भाग्य आजमा रही है, हालांकि वे पेशे से शिक्षिका है और उनका जनसम्पर्क भी काफी बढ़िया है। यही कारण है की उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी हुई है, हालांकि हमने जब चुनाव लड़ने और चुनाव की तैयारियों को लेकर बात किया तो उन्होंने मुस्क़ुराकर प्रश्न और उसके उत्तर को टाल दिया। खैर ये तो रहा सवाल चुनाव का लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से और जिस अंदाज से वह काम कर रही है, उससे लोग यही बातचीत करके दबी जुबान से बोलने लगे है, की आने वाले दिनों में यह प्रबल दावेदार हो सकती है। बताते चले की मुंगेली जिले में जब से समाजसेवी महिला ने सेवा करना शुरू किया है और लोगों के दुःख दर्द में शामिल होकर उनके दर्द को बांटने का काम किया है तब से उन्होंने टिकिट दावेदारों के होश उड़ा दिए है। कल तक जो लोग अलग होकर चुनाव की तैयारियां कर रहे थे वे आज एक होकर चुनाव लड़ने और मिलकर काम करने की बात करने लगे है। इधर धुआंधार दौरा और ग्रामीणों की समस्याओ को लेकर लड़ना, उनके लिए जूझना, भिड़कर काम करवाना कई लोगो को रास नहीं आ रहा है, जिसके कारण लोग बेवजह का बैर रखने लगे है। समाजसेवी महिला डॉ.सरिता भारद्वाज का कहना है की जनता की सेवा करने में टिकिट की जरूरत नहीं है, ये तो लोगो का प्यार है और आशीर्वाद है। जिसके कारण सेवा करने का मौक़ा मिला है और तब तक सेवा करुँगी जब तक मेरी साँस चलेगी। इसी वजह से गाँव की समस्याओ को लेकर जिले के कलेक्टर के पास जाते है ताकि गांव की बिजली पानी और अन्य चीजों की समस्याओ का निराकरण हो जाये आपको बता दे ताजा मामला सोमवार का है, जब समाजसेवी महिला डॉ. सरिता भारद्वाज ने ग्राम लौदा, लोहडिया और बन्धुपारा की महिलाओं को लेकर जिले के कलेक्टर के पास पहुंच गयी। जिसमें पानी, बिजली, सड़क, पेंशन, राशनकार्ड और अन्य चीजों की समस्या शामिल है, जिसका निराकरण करवाने के लिए जूझी हुई है। वही गाँव वालो ने दबी जुबान से यह भी कहा की जहाँ एक तरफ विधायक को इस तरफ की समस्याओ को लेकर ध्यान देना चाहिए तो वही समाजसेवी महिला को जूझना पड़ रहा है। इसका मतलब साफ़ है की विधायक निष्क्रिय है और समाजसेवी महिला सक्रिय है। जिनको गाँव की चिंता ज्यादा है चलिए अब हम आपको यह भी बता दे की महिला ने मुंगेली विधानसभा के कई गाँव की समस्याओ का निराकरण करवाया है, यहाँ तक उनको लेकर जिले के मुखिया के पास भी गयी है। जिसकी वजह से गाँव वाले उन्हें अपना मसीहा मान लिए है। धीरे-धीरे करके महिला के लिए लोग यह सोच लिए है की उनको टिकिट मिलना चाहिए और इसी वजह से उनकी दावेदारी को प्रबल माना जा रहा है, लेकिन समाजसेवी महिला का कहना है की मेरे पति का सपना था, जिसको साकार करने की एक कोशिश की जा रही है और इसी कारण गाँव वालो की सेवा की जा रही है ताकि गांव के लोगो को भटकना न पड़े और मुझे टिकिट का लालच जरा भी नहीं है, मुझें तो लोगों के बीच में रहकर काम करना अच्छा लगता है। फ़िलहाल देखना होगा की मुंगेली विधानसभा में आने वाले समय में क्या बदलाव होता है और राजनितिक समीकरण क्या बोलता है, लेकिन अभी जो दिख रहा है वह साफ नजर आ रहा है की समाजसेवी महिला को दबाने के लिए विरोधी खेमा और कांग्रेस पार्टी के कुछ लोग कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।
