आदिवासी छात्रा की रहस्यमयी मौत, हॉस्टल के कमरे में टाई के फंदे से लटकती मिली 11 साल की बच्ची, प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग……

कोंडागांव: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के माकड़ी ब्लॉक के कांटागांव स्थित आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में 11 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। पांचवी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा चंपा नेताम का शव हॉस्टल के कमरे में टाई के फंदे से खिड़की में लटकता मिला। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे जब छात्राओं को भोजन के लिए बुलाया गया, तब चंपा नहीं पहुंची। स्टाफ ने जब उसके कमरे का दरवाजा खोला तो वह फंदे पर झूलती मिली। हॉस्टल प्रशासन ने पहले परिजनों को बेहोश होने की सूचना दी, लेकिन बाद में छात्रा की मौत की खबर सामने आई। परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन ने घटना की सही जानकारी देने में देरी की और शुरू में उन्हें गुमराह किया। उनका कहना है कि समय पर जानकारी दी जाती तो शायद बच्ची को बचाया जा सकता था। सूचना मिलते ही SDM अजय उरांव, तहसीलदार, शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। गांव के सरपंच लक्ष्मण नेताम ने बताया कि चंपा पूरी तरह स्वस्थ थी और कुछ दिन पहले ही हॉस्टल में दाखिल हुई थी। उन्होंने कहा, हॉस्टल प्रबंधन ने बच्ची के बीमार होने की झूठी बात बताई, जबकि वह मर चुकी थी। हम इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। वहीं, सहायक आयुक्त कृपेंद्र तिवारी ने कहा कि यह घटना स्कूल समय के दौरान हुई है, इसलिए पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। SDM अजय उरांव ने बताया, प्रारंभिक जांच में छात्रा अपनी टाई से लटकी हुई मिली है। यह आत्महत्या है या किसी और कारण से मौत हुई, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। इस घटना ने फिर एक बार छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने सरकार से सभी छात्रावासों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की मांग की है।
