बिलासपुर; फर्जी अपहरण की साजिश का खुलासा…बेटे ने रची थी खुद की किडनैपिंग की कहानी, पिता से 10 लाख की फिरौती मांगी…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपने ही पिता से 10 लाख रुपए की फिरौती वसूलने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। पुलिस को चकमा देने के लिए वह मध्यप्रदेश तक भाग गया था, लेकिन पैसे खत्म होने पर लौटते वक्त पेंड्रा में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस और परिवार दोनों ने राहत की सांस ली, क्योंकि पिछले तीन दिनों से युवक की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार अलग-अलग जिलों में भटक रही थीं। दरअसल, जशपुर जिले के नारायणपुर क्षेत्र के देरहाखार निवासी संजय यादव 29 वर्ष बीते दस साल से बिलासपुर के कस्तूरबा नगर में किराए के मकान में रह रहा था। एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ एक बैंक में काम करता था। रविवार को उसने अपने पिता बालेश्वर यादव को फोन कर बताया कि कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, उसने अपने पिता को पैसे अपने ही बैंक खाते में जमा कराने को कहा। बेटे की बात सुनते ही घबराए पिता बिलासपुर पहुंचे और तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में ही पुलिस को मामले पर संदेह हुआ, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम पहले रायगढ़, फिर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही होते हुए मध्यप्रदेश के कटनी तक पहुंची। इस बीच युवक लगातार लोकेशन बदलता रहा, जिससे पुलिस को लग रहा था कि कोई उसे लेकर घूम रहा है। लेकिन जब जांच में यह सामने आया कि वह अपने दोस्तों और परिचितों से लगातार फोन पर पैसे मांग रहा है, तो शक और गहरा गया। पुलिस ने उसके दोस्तों से पूछताछ की तो पता चला कि संजय ने कई लोगों से मदद मांगी थी, पर किसी ने पैसे नहीं दिए। आखिरकार सोमवार की शाम को जानकारी मिली कि वह कटनी से वापस लौट रहा है। टीम को अलर्ट किया गया और पेंड्रा रेलवे स्टेशन पर ही युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने पिता से पैसे लेने के लिए अपहरण की झूठी साजिश रची थी। उसके पास न खाने के पैसे थे, न कहीं ठहरने की जगह, इसलिए मजबूर होकर वापस लौट आया। सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि युवक को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। पूरे मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक रूप से यह मामला मानसिक दबाव और आर्थिक तंगी से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे आर्थिक और सामाजिक दबाव कभी-कभी लोगों को ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है, जिससे वे खुद की और परिवार की मुश्किलें और बढ़ा लेते हैं।


















