महाराणा प्रताप साहित्य एवं सांस्कृतिक परिषद का बैठक हुआ संपन्न….! केंद्रीय पदाधिकारियों को तलवार भेंट कर किया गया सम्मानित….?

राजनांदगाँव:- (प्रांशु क्षत्रिय) विगत दिनों महाराणा प्रताप साहित्य परिषद एवं महाराणा प्रताप कला एवं सांस्कृितिक परिषद का संयुक्त आयोजन दिनेश सिंह के सौजन्य से ग्राम डुमरडीह राजनांदगाँव में किया गया। आयोजन में केन्द्रीय पदाधिकारियों का सम्मान समारोह, परिषद के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण तथा प्रथम बैठक का आयोजन हुआ। सम्मान में श्रीफल, पुष्पमाला, राजपूती शौर्य के प्रतीक तलवार एवं शाल भेंटकर सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह आयोजन में महासभा के अध्यक्ष बजरंग सिंह बैस, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष अश्वनी सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष नीरज सिंह क्षत्री, महासचिव विष्णूसिंह बघेल, सहसचिव कमलेश राजपूत, उपसचिव प्रवेश सिंह, संगठन सचिव ज्ञानेश्वर सिंह क्षत्री, प्रचार सचिव एवं साहित्य परिषद प्रभारी धनश्याम सिंह चौहान, प्रशांत सिंह एवं विकास सिंह को सम्मानित किया गया।

शपथ ग्रहण उपरांत महाराणा प्रताप साहित्य परिषद की प्रथम बैठक प्रचार सचिव घनश्याम सिंह चौहान व प्रभारी साहित्य परिषद के आतिथ्य एवं अध्यक्ष साहित्य परिषद सत्येन्द्र राजपूत की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विगत कार्यकाल के कोष की जानकारी सदस्यों को दी गई। महासभा के निर्णय के तारतम्य में राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ रहटादह की वार्षिक पत्रिका शौर्य 2023 को महाधिवेशन के पूर्व केन्द्रिय कार्यकारिणी समिति के बैठक अवसर पर प्रकाशित कर विमोचन कराने का निर्णय लिया गया। साहित्य परिषद प्रभारी धनश्याम सिंह चौहान ने बताया कि समाज का मुखपत्र वार्षिक पत्रिका शौर्य का प्रकाशन महाधिवेशन में किया जाता रहा है, लेकिन 02 वर्षों से कोरानाकाल के कारण प्रकाशित नहीं कराया जा सका। पत्रिका से सभी स्वजातिय बंधुओं को मौलिक लेख-आलेख, सामाजिक समाचार, निर्णय, गतिविधी के साथ ही अपने बच्चों के विवाह योग्य की जानकारी प्रकाशित की जाती है, जिससे विवाह सूत्रबंधन में यह बहुत ही उपयोगी साबित हुआ है। पत्रिका का विज्ञापन दर पूर्ववत रखा गया है। महाराणा प्रताप साहित्य परिषद द्वारा आजीवन सदस्यों को पत्रिका निःशुल्क दिया जावेगा एवं विक्रय हेतु भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि आगामी समय में छमाही पत्रिका राजपूत समाचार के प्रकाशन का भी निर्णय लिया जावेगा। उक्त जानकारी महाराणा प्रताप साहित्य परिषद् सचिव होमेश्वर प्रताप सिंह द्वारा दी गई है।

