अंधे कत्ल का खुलासा, नौकरी का झांसा देकर महिला की हत्या, दुर्ग पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार…..

दुर्ग: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है, नौकरी लगाने के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी के जाल में फंसी एक महिला का मर्डर, वारदात सुपारी किलिंग निकली। मृतका गंगोत्री जांगड़े 40 वर्ष की हत्या 1 लाख रुपये में की गई। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मास्टरमाइंड अब भी फरार है। 20 सितंबर को नगपुरा चौकी क्षेत्र के ग्राम टेमरी में एक महिला का शव मिला था, जिसका चेहरा पत्थर से कुचला गया था। शव की पहचान गंगोत्री जांगड़े निवासी दादर, पोटिया चौक दुर्ग के रूप में हुई। गंगोत्री 19 सितंबर की रात 8.45 बजे घर से यह कहकर निकली थी कि वह खाना खाने जा रही है, लेकिन वापस नहीं लौटी। जांच में सामने आया कि गंगोत्री नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपए दे चुकी थी। जब नौकरी नहीं लगी तो उसने आरोपियों को चेतावनी दी कि यदि 20 सितंबर तक साक्षात्कार नहीं हुआ तो वह पुलिस से शिकायत करेगी। इसी डर से उसकी हत्या की साजिश रची गई।
व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर बनी हत्या की साजिश….
मुख्य आरोपी ने अपने साथी निर्भय जांगड़े 19 वर्ष को 1 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या के लिए तैयार किया। रकम छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, कातुलबोर्ड शाखा में ट्रांसफर की गई। इस साजिश में हेमलता बंजारे 38 वर्ष भी शामिल रही। तीनों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हत्या की प्लानिंग की थी। 19 सितंबर की रात गंगोत्री को ढाबे चलने का बहाना देकर बुलाया गया। निर्भय और उसके साथी बाइक से उसे टेमरी ले गए। वहां बेल्ट और चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। पहचान छुपाने के लिए चेहरा पत्थर से कुचल दिया गया। वारदात के बाद आरोपियों ने गंगोत्री के आभूषण लूटे, लेकिन आर्टिफिशियल निकलने पर उसे पर्स सहित फेंक दिया। मोबाइल फोन आरोपी अपने पास रख लिया। हत्या के बाद तीनों आरोपी नजदीकी ढाबे में खाना खाने भी पहुंचे और फिर कातुलबोर्ड लौट गए।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी…..
1. निर्भय जांगड़े (19 वर्ष, जालबांधा, खैरागढ़)
2. जयदीप साहू (19 वर्ष, कातुलबोर्ड, दुर्ग)
3. मनीष बंजारे (19 वर्ष, आशा नगर, दुर्ग)
4. पवन कुमार सिंह (18 वर्ष, कातुलबोर्ड, भिलाई)
5. हेमलता बंजारे (38 वर्ष, कातुलबोर्ड, भिलाई)
6. विधि से संघर्षरत नाबालिग
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गिरोह नगर निगम, जल संसाधन विभाग और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों रुपये ठग रहा था। गंगोत्री भी इसी नेटवर्क के संपर्क में थी। जब उसने पैसे लौटाने या नौकरी दिलाने का दबाव बनाया तो उसकी हत्या कर दी गई। मुख्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी है और उसकी तलाश जारी है।
