बिलासपुर; मरहीमाता दर्शन को आए 6 श्रद्धालु बाढ़ में बहे…3 मासूमों की मौत..एक अब भी लापता, खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां देवी दर्शन के लिए आए श्रद्धालु बाढ़ के पानी में बह गए। हादसा कोटा थाना के बेलगहना चौकी क्षेत्र के भनवारटंक मरहीमाता मंदिर के पास हुआ, जहां बलौदाबाजार जिले के बिटकुली गांव से ध्रुव परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ मंदिर दर्शन करने पहुंचा था। दिनभर पूजा-अर्चना और भोजन के बाद सभी लोग शाम को लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी और जंगल में तेज बारिश होने लगी और मंदिर के पास से गुजरने वाले नाले में अचानक बाढ़ आ गई। कुछ ही देर में पुलिया पर पानी बहने लगा। खतरे को देखते हुए बस चालक ने श्रद्धालुओं को बस से उतारकर पैदल पुल पार करने की सलाह दी। इसी बीच छह लोग नाले के तेज बहाव में बह गए। परिवार और ग्रामीणों की मदद से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन मितांश ध्रुव (5), गौरी ध्रुव (13), मुस्कान ध्रुव (12) और बलराम ध्रुव (45) पानी में बह गए। हादसे की जानकारी मिलते ही बेलगहना चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद तीन बच्चों के शव बरामद किए गए, जबकि बलराम की देर रात तक तलाश जारी रही। रात में तेज बारिश और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा, जिसे मंगलवार सुबह फिर से शुरू किया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। बच्चों के शव टेंगनमाड़ा स्वास्थ्य केंद्र लाए गए, जहां पोस्टमॉर्टम की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें देर रात कोटा भेजा गया। हादसे के दौरान मौजूद परिवार की महिलाएं अपने बच्चों और परिजनों को बहते देख चीख-पुकार करती रहीं। गमगीन माहौल को देखते हुए महिलाओं को घर भेज दिया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही बिटकुली और परसदा गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे। भनवारटंक का यह नाला सामान्य दिनों में सूखा रहता है, लेकिन पहाड़ी और जंगल में बारिश होते ही अचानक उफान पर आ जाता है। सोमवार को भी लगातार हो रही बारिश ने हालात को और बिगाड़ दिया, जिससे बचाव अभियान में भी बाधा आई। देर रात तक रेस्क्यू टीम और एसडीआरएफ लापता युवक बलराम की तलाश में जुटी रही।
