बिलासपुर; कोचिंग डिपो में करंट से झुलसा क्लीनर, हादसे ने खोली सुरक्षा इंतज़ाम की पोल….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) रेलवे कोचिंग डिपो में शनिवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। मूलमुला निवासी प्रताप बर्मन, जो ठेकेदार के अधीन क्लीनर के रूप में काम करता है, एसी कोच की सफाई के दौरान हाईटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे ने रेलवे प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही को उजागर कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, दोपहर करीब 1 बजे प्रताप हमेशा की तरह एसी कोच के ऊपर चढ़कर सफाई कर रहा था। तभी ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार से अचानक करंट दौड़ा और प्रताप उसकी चपेट में आ गया। चश्मदीदों के अनुसार, उसे लगातार दो बार जोरदार करंट लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद प्रताप कुछ देर तक कोच के ऊपर तड़पता रहा और फिर नीचे गिर पड़ा। उसके सिर, नाक और मुंह पर भी गंभीर चोटें आईं। गंभीर हालत में प्रताप को पहले रेलवे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां आवश्यक उपकरणों और इलाज की सुविधा नहीं मिली। इसके बाद उसे सिम्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां बर्न वार्ड की स्थिति भी दयनीय रही। अंततः प्रताप को अपोलो अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे की वजह बनी रेलवे और ठेकेदार की लापरवाही। प्रताप जिस रैक की सफाई कर रहा था, उसी पर वंदे भारत ट्रेन आने की तैयारी चल रही थी, जिसके कारण हाईटेंशन सप्लाई बंद नहीं की गई। सुरक्षा उपाय किए बिना ही मजदूर को काम पर भेज दिया गया।

कर्मचारियों का आरोप है कि डिपो में सुरक्षा के बुनियादी इंतज़ाम नहीं हैं। मजदूरों से ठेकेदार केवल तीन-तीन महीने का कॉन्ट्रैक्ट साइन करवाता है और उन्हें बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और इंसुलेटेड औजार के ऊंचाई पर काम करने भेज दिया जाता है। यही कारण है कि हर समय हादसों की आशंका बनी रहती है। इस घटना से गुस्साए कर्मचारियों ने रेलवे प्रशासन और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रताप बर्मन जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, जबकि रेलवे और ठेकेदार जिम्मेदारी से बचते नज़र आ रहे हैं। यह हादसा केवल एक कर्मचारी की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलता है, जहां सुरक्षा इंतज़ामों को ताक पर रखकर मजदूरों की जान से खिलवाड़ किया जाता है।
