दंतैल हाथी का कहर: 15 घंटे में 4 ग्रामीणों की मौत, वन विभाग ने गांवों में किया अलर्ट जारी…….

सरगुजा: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र में एक दंतैल हाथी ने महज 15 घंटे के भीतर चार ग्रामीणों की जान ले ली, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। यह हादसे वन विभाग की लापरवाही की वजह से हुए, ऐसा ग्रामीणों का आरोप है। विभाग की ओर से समय पर अलर्ट जारी न किए जाने के चलते ये जानें गईं।
घटनाओं का सिलसिला…….
पहली घटना बुधवार शाम ग्राम पंचायत चिरगा के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेवरा में हुई। यहा राम कोरवा अपनी बेटी के साथ खेत से रोपाई का काम कर घर लौट रहा था, तभी अचानक दोनों का सामना दंतैल हाथी से हो गया। जान बचाने की कोशिश में दोनों भागे, लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ाकर जमीन पर पटक दिया और कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
दूसरी घटना पास के ग्राम बकिला में हुई, जहां सनमेत बाई नामक महिला अपने पति नेहरू कंवर के साथ घर में थी। हाथी के वहां पहुंचने पर दोनों भागने लगे, लेकिन हाथी ने महिला को पकड़कर कुचल दिया। पति किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
तीसरी घटना लुण्ड्रा वन परिक्षेत्र से लगभग 65 किलोमीटर दूर सीतापुर वन परिक्षेत्र के ग्राम देवगढ़ में घटी। यहां मोहर साय सैराम सुबह खेत गया था, जहां उसका सामना दो हाथियों से हो गया। भागने की कोशिश में एक हाथी ने उसे भी कुचलकर मार डाला।
हाथी की गतिविधि और विभाग की प्रतिक्रिया……
बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी बलरामपुर जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र से भटककर सरगुजा में प्रवेश कर गया था। यह हाथी धौरपुर, लुण्ड्रा, चेंद्रा, उदारी, असकला होते हुए चिरगा तक पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी की चिरगा क्षेत्र में उपस्थिति की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग ने समय रहते कोई चेतावनी नहीं दी, जिससे ग्रामीण सतर्क नहीं हो सके। चार लोगों की जान जाने के बाद अब जाकर वन विभाग ने आधा दर्जन गांवों में अलर्ट जारी किया है। घटनाओं के बाद डीएफओ के निर्देश पर वन अमला सक्रिय हो गया है। हाथी की निगरानी के लिए विशेष दल तैनात किया गया है और आसपास के गांवों में गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेत की ओर न जाएं और किसी भी हाथी की गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दे।


















