योगगुरु की आड़ में नशे का खेल; गोवा से डोंगरगढ़ तक फैला गांजा रैकेट, फार्महाउस से हाई-प्रोफाइल आरोपी गिरफ्तार..विदेशी पर्यटकों को सिखाता था योग, फार्महाउस से बेच रहा था गांजा!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में योग और अध्यात्म की आड़ में चल रहे नशे के कारोबार का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। प्रज्ञागिरी पहाड़ी क्षेत्र के पास एक फार्महाउस में चल रहे कथित योगाश्रम से पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल कथित योगगुरु को गांजा बेचते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने फार्महाउस में दबिश देकर करीब 1.993 किलोग्राम गांजा और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कांती अग्रवाल पिता प्रहलाद अग्रवाल उम्र 45 वर्ष के रूप में हुई है, जो डोंगरगढ़ का ही स्थायी निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पिछले दस वर्षों से गोवा में योगाश्रम चला रहा था, जहां विदेशी पर्यटकों को योग और ध्यान की शिक्षा देता था। इतना ही नहीं उसने 100 से अधिक देशों की यात्रा और 10 एनजीओ का डायरेक्टर होने का दावा भी किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी गोवा की तर्ज पर डोंगरगढ़ के प्रज्ञागिरी क्षेत्र में फार्महाउस के रूप में एक नया योगाश्रम तैयार कर रहा था। लेकिन इसकी आड़ में वह गांजे की अवैध बिक्री कर रहा था। फार्महाउस को योग और अध्यात्म का केंद्र दिखाकर नशे का कारोबार संचालित किया जा रहा था, जो अब तक गुप्त रूप से चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर डोंगरगढ़ पुलिस ने जब फार्महाउस पर दबिश दी, तो आरोपी कांती अग्रवाल गांजा बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। मौके से जब्त किए गए गांजे के साथ पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है, जो आरोपी की गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। अब पुलिस उसकी विदेश यात्राओं, एनजीओ नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की गहन जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस दिशा में जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
