तिहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा; आरोपी को रांची से दबोचा, बेल्ट से गला घोंटकर नदी में दफनाए थे शव..प्रेम संबंध और चरित्र शंका बनी तीन जिंदगियों के खात्मे की वजह, आरोपी ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के तपकरा थाना क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। साजबहार गांव के पास स्थित उतियाल नदी के किनारे दफनाए गए एक महिला और दो मासूम बच्चों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस हृदयविदारक घटना को अंजाम देने वाला आरोपी प्रमोद गिद्धी को जशपुर पुलिस ने झारखंड की राजधानी रांची से गिरफ्तार कर लिया है। वह साउथ इंडिया भागने की तैयारी में था। घटना का खुलासा तब हुआ जब 23 जून को पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति शराब के नशे में यह कह रहा था कि उसने एक महिला और दो बच्चों की हत्या कर नदी के किनारे दफना दिया है। इस सूचना के आधार पर तपकरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और दो घंटे की मशक्कत के बाद रेत हटाकर पहले एक 6 वर्षीय लड़का और 14 वर्षीय लड़की का शव बरामद किया गया। कुछ ही दूरी पर जंगल में एक महिला का शव मिला, जिसकी पहचान गांव की ही सुभद्रा ठाकुर के रूप में हुई। जांच के दौरान सामने आया कि मृतका सुभद्रा ठाकुर के गांव के ही प्रमोद गिद्धी से संबंध थे और दोनों के बीच प्रेम प्रसंग भी था। पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी घटना के बाद से फरार है। जशपुर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच अलग-अलग टीमों का गठन किया। प्रमोद गिद्धी के पुराने रांची कनेक्शन के आधार पर एक टीम को रांची भेजा गया। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई और उसे रांची में घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त आरोपी ने खुलासा किया कि उसने करीब आठ घंटे पहले आत्महत्या के इरादे से जहर का सेवन किया था। पुलिस ने तत्काल उसे जशपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां अब उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि प्रेम संबंध और चरित्र शंका के चलते पहले उसने सुभद्रा ठाकुर की बेल्ट से गला घोंटकर हत्या की और फिर दोनों बच्चों को भी मार डाला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की नई धाराओं BNS 103(1) और 238 के तहत अपराध दर्ज किया है। इस पूरे मामले की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी में उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ, निरीक्षक संदीप कौशिक, उप निरीक्षक नसरुद्दीन अंसारी, सहायक उप निरीक्षक हरिशंकर राम और मिराज किस्पोट्टा सहित कई अधिकारी शामिल रहे। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई को पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बताया और सफलता प्राप्त करने वाली टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है।

