मुंगेली; धूल खा रहे करोड़ों के वाहन, बर्बाद हो रही जनता की गाढ़ी कमाई..नगर पालिका में संसाधनों की बर्बादी का खुलासा, सफाई के नाम पर खरीदी गई मशीनें बनी शोपीस!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) मुंगेली नगर पालिका में स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के नाम पर जनता के पैसों से खरीदे गए करोड़ों रुपये के वाहन और उपकरण अब लावारिस हालत में पड़े हैं। वर्षों पहले नगर विकास की बड़ी-बड़ी योजनाओं के तहत खरीदी गई सफाई मशीनें, जेसीबी, पोकलेन, ड्रेन क्लीनिंग मशीन, कचरा वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली आज सीएमओ बंगले के पास धूल फांक रही हैं। इनमें से कई तो उपयोग में लाए जाने से पहले ही कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन मशीनों को खरीदने के बाद न तो उन्हें सही ढंग से उपयोग में लाया गया और न ही इनके रखरखाव की कोई व्यवस्था की गई। अब स्थिति यह है कि लाखों-करोड़ों की ये मशीनें नाकारा साबित हो रही हैं और इन्हें नीलाम कर कबाड़ के भाव बेचने की तैयारी चल रही है। नगर पालिका में व्याप्त कमीशन संस्कृति और लापरवाह प्रशासनिक रवैये ने इन योजनाओं को कागजों तक ही सीमित कर दिया है। मशीनें सिर्फ खरीदी गईं, लेकिन उनका उपयोग न के बराबर हुआ। न तो इन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी हैं और न ही कोई रखरखाव व्यवस्था। यह सीधे तौर पर संसाधनों की बर्बादी और जनता के पैसों की अनदेखी है। इस पूरे मामले पर नगर पालिका अध्यक्ष रोहित शुक्ला और सीएमओ आशीष तिवारी का कहना है कि वाहन और उपकरण पूर्ववर्ती कार्यकाल में खरीदे गए थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो वाहन उपयोग लायक हैं, उन्हें सुधार कर फिर से उपयोग में लाया जाएगा, जबकि अन्य को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नीलाम कर उनकी राशि निकाय कार्यों में लगाई जाएगी। कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं, लेकिन सच यह है कि दोनों ही दलों की निष्क्रियता और अनदेखी ने इन मशीनों को इस हाल तक पहुंचाया है। जनता की मेहनत की कमाई से खरीदे गए संसाधनों का इस तरह व्यर्थ जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर नगर पालिका के पास मेंटेनेंस की व्यवस्था नहीं है, संसाधन उपयोग करने के लिए कर्मचारी नहीं हैं और योजनाओं की स्पष्ट प्लानिंग नहीं है तो फिर ऐसी महंगी खरीदी किस उद्देश्य से की गई थी यह सवाल अब जवाब मांगता है। जनता अब जानना चाहती है कि उसके पैसों की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है और क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी।
