बिलासपुर; खुशियों के दिन मौत की खबर..मजदूर सलीम की रहस्यमयी मौत, त्योहार के दिन मौत क्यों चुनी?..जांच का विषय, पुलिस जुटी जांच में!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बकरीद जैसे खुशियों भरे पर्व पर तखतपुर से आई एक दर्दनाक खबर ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। वार्ड क्रमांक 1 चूलघट रोड निवासी 30 वर्षीय सलीम खान उर्फ मंझला ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शुक्रवार देर रात लिदरी ठाकुर ढाबा परिसर में सामने आई। मिली जानकारी के अनुसार, सलीम खान एक मेटाडोर कंपनी में हेल्पर के रूप में कार्यरत था। 6 जून को वह बिलासपुर में मेटाडोर वाहन के साथ लोडिंग-अनलोडिंग के कार्य के लिए गया था। काम पूरा करने के बाद सलीम अपने ड्राइवर से यह कहकर चला गया कि वह बाद में वापस आएगा, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा। काफी देर इंतजार के बाद भी जब वह नहीं आया तो साथी कर्मचारियों को चिंता हुई। अगली सुबह स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि लिदरी ठाकुर ढाबा में एक व्यक्ति का शव लोहे के एंगल में फंदे से लटका हुआ पाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त सलीम खान के रूप में हुई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। स्थानीय व्यापारियों और जानने वालों के अनुसार सलीम एक मेहनती और ईमानदार युवक था। वह अपने काम को लेकर हमेशा गंभीर रहता था और सामाजिक व्यवहार में भी मिलनसार था। उसकी असामयिक मृत्यु ने न केवल उसके परिजनों को, बल्कि पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए सलीम के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, हालिया गतिविधियों और पारिवारिक स्थिति की जांच की जा रही है। फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।

