छत्तीसगढ़; अब हर साल बनेंगे “आदर्श शहर”: चौड़ी सड़कें, स्मार्ट लाइट्स और वाई-फाई से बदलेंगे शहरों के चेहरे!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) सरकार ने अब आदर्श ग्राम की तर्ज पर “आदर्श शहर” विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत हर साल राज्य के पांचों संभागों से तीन-तीन नगरीय निकायों को चुना जाएगा। यानी हर साल कुल 15 नगरपालिकाएं और नगर पंचायतें चुनी जाएंगी, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से संवारा जाएगा। इन शहरों को स्मार्ट सुविधाओं से लैस किया जाएगा। चौड़ी सड़कों के निर्माण से लेकर पीपीपी मॉडल पर व्यवसायिक परिसरों का विकास होगा। इसके साथ ही स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स, वाई-फाई हॉटस्पॉट, सीसीटीवी कैमरे, 24 घंटे पानी की सप्लाई, ड्रेनेज सिस्टम और हरियाली जैसे तमाम कार्य किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य नगरीय निकायों के आधारभूत ढांचे को सशक्त बनाना और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसके साथ ही नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति को सुधारकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। शहरों में मौजूदा समस्याओं जैसे ट्रैफिक जाम, अव्यवस्थित परिवहन, पानी की कमी, जलभराव और हरियाली की कमी को दूर करने के लिए यह योजना कारगर साबित होगी। तेजी से हो रहे शहरीकरण के चलते अब इन शहरों को स्मार्ट सिटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। प्रत्येक चिन्हित शहर के विकास कार्यों की निगरानी के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता में एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में पीडब्ल्यूडी और पीएचई के कार्यपालन अभियंता (ईई) को सदस्य तथा संबंधित नगर निकाय के सीईओ को सदस्य सह सचिव बनाया गया है।
योजना के अंतर्गत होंगे ये कार्य…..
मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, फुटपाथ और पैदल पथों का निर्माण, 24 घंटे जल आपूर्ति की व्यवस्था, बाढ़ से बचाव के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम, सामुदायिक पार्क और खेल मैदानों का विकास, वृक्षारोपण अभियान, जलस्रोतों का पुनर्जीवन, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे, पीपीपी मॉडल पर व्यवसायिक परिसरों का विकास, संपत्ति कर सुधार और राजस्व बढ़ाने के उपाय, केंद्र और राज्य की अन्य योजनाओं का समावेश। इस बहुआयामी योजना से न केवल नगरीय क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों को बेहतर जीवनशैली और बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ के छोटे और मध्यम शहर भी अब स्मार्ट सिटी की ओर तेजी से बढ़ेंगे।
