नक्सलवाद पर करारी चोट: सबसे बड़े ऑपरेशन का बड़ा असर..बीजापुर और तेलंगाना में 20 नक्सली गिरफ्तार, 8 ने किया आत्मसमर्पण!

बीजापुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर चलाए गए अब तक के सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियान के व्यापक असर देखने को मिल रहे हैं। ऑपरेशन खत्म होते ही पुलिस और सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीजापुर और तेलंगाना के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 20 सक्रिय नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है, वहीं 8 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। बीजापुर जिले में कर्रेंगुट्टा ऑपरेशन के समाप्त होते ही कार्रवाई तेज कर दी गई। पुलिस ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के वाज़ेडु, वेंकटापुरम और कन्नईगुड़म थाना क्षेत्रों से कुल 20 नक्सलियों को गिरफ्तार किया। इनमें शामिल हैं..1 DVC (डिविजनल कमेटी सदस्य), 5 ACM (एरिया कमेटी मेंबर), 14 पार्टी सदस्य। गिरफ्तार नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई, जिनमें, 03 INSAS राइफल, 04 SLR रायफल, 01 303 रायफल व बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री व नकदी हैं।
तेलंगाना में 8 नक्सलियों का आत्मसमर्पण…….
तेलंगाना के मुलुगु जिले में 8 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी के समक्ष सरेंडर करने वालों में शामिल हैं..1 DVCM, 6 प्लाटून सदस्य, 1 जनमिलीशिया सदस्य। CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया यह ऑपरेशन 21 दिनों तक बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर चला। अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 31 नक्सली मारे गए, जिन पर कुल 1 करोड़ 72 लाख रुपये का इनाम था। 18 जवान घायल हुए, सभी की स्थिति अब स्थिर है। कर्रेंगुट्टा की पहाड़ियों से 35 रायफल और 450 IED बरामद किए गए नक्सलियों द्वारा छिपाया गया 12000 किलो राशन बरामद। 214 बंकर और ठिकाने किए गए ध्वस्त।
DG CRPF और DGP की संयुक्त प्रेसवार्ता…..
CRPF के डीजी और छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर बताया कि यह ऑपरेशन नक्सल नेटवर्क को जड़ से हिलाने वाला साबित हुआ है। आने वाले दिनों में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई गई है। नक्सलवाद के खिलाफ यह निर्णायक अभियान सुरक्षा बलों की दृढ़ इच्छाशक्ति और सटीक रणनीति का परिणाम है, जिसने नक्सलियों की कमर तोड़कर राज्य में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
