बिलासपुर; पुलिस की संवेदनहीनता की हद पार!..लापरवाह पुलिस ने नहीं दी मदद, जंगल में मिला शव बोरी में भरकर लाए परिजन, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल..एसएसपी ने दिए जांच के आदेश, खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के तखतपुर क्षेत्र में पुलिस की संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। जुनापारा पुलिस चौकी प्रभारी मनोज शर्मा की लापरवाही और अमानवीय रवैये के चलते मृतक उमाशंकर साहू के परिजनों को शव बोरी में भरकर बाइक से अस्पताल लाना पड़ा। पोस्टमार्टम के लिए पुलिस से वाहन और सहायता मांगी गई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उमाशंकर साहू ग्राम सकेरी निवासी तीन दिन पहले लकड़ी काटने के लिए जंगल गए थे और वापस नहीं लौटे। परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने तलाश में कोई रुचि नहीं दिखाई। थक-हारकर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ खुद खोजबीन शुरू की, जिसके बाद निमघाट जंगल में उनका क्षत-विक्षत शव मिला। जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है। शव मिलने के बाद भी पुलिस ने लापरवाही जारी रखी। चौकी प्रभारी ने शव परिजनों को सौंपते हुए पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने को कह दिया, लेकिन ना तो पेट्रोलिंग गाड़ी उपलब्ध कराई और ना ही कोई जवान भेजा गया। मजबूरी में परिजन शव को बोरी में भरकर बाइक पर अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम किया गया। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से परिजनों में गहरा आक्रोश है। रोहित साहू और फागुराम साहू ने बताया कि तीन दिनों से वे लगातार अपने परिजन की तलाश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। इस संवेदनहीनता पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि यदि पोस्टमार्टम के लिए शव को लाने में पुलिस ने सहयोग नहीं किया है, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है और जांच के आदेश दे दिए हैं।
लचर पुलिस व्यवस्था के खिलाफ परिजनों में उबाल, एसएसपी ने जताई नाराजगी……
तखतपुर क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने पुलिस व्यवस्था पर तीखा रोष जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

