VIDEO; बिलासपुर! 1180 छात्रों के भविष्य पर संकट: एनएसयूआई ने डीपी विप्र कॉलेज को सौंपा ज्ञापन, 5 दिन का अल्टीमेटम..स्वशासी दर्जे पर विवाद, परीक्षा और परिणाम सवालों के घेरे में, छात्रों के भविष्य पर मंडराया खतरा, प्रशासन की चुप्पी, बढ़ता विरोध, छात्रों का संघर्ष जारी, आगे क्या? खबर पढ़कर समझिए पूरा मामला……..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) डीपी विप्र महाविद्यालय में 1180 छात्रों के भविष्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने बुधवार को कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा और परिणामों की वैधता पर सवाल उठाए और 5 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जवाब नहीं मिला, तो महाविद्यालय का घेराव किया जाएगा। एनएसयूआई का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने खुद को स्वशासी (ऑटोनॉमस) घोषित करते हुए परीक्षा कराई और परिणाम जारी कर दिए, जबकि यह मामला न्यायालय में लंबित है। विश्वविद्यालय ने महाविद्यालय को स्वशासी का दर्जा नहीं दिया है और परीक्षा आयोजन की अनुमति भी नहीं दी थी। इसके बावजूद कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा कराकर परिणाम घोषित कर दिए, जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। एनएसयूआई छात्रनेता पुष्पराज साहू ने कहा, हम छात्रों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्हें यह जानने का अधिकार है कि उनके परिणाम और प्रमाण पत्र मान्य होंगे या नहीं। कॉलेज प्रशासन ने सैकड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। संगठन ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन 5 दिनों के भीतर लिखित रूप में स्पष्ट करे कि परिणामों की वैधता क्या है और यदि न्यायालय का फैसला कॉलेज के खिलाफ आता है, तो छात्रों के भविष्य का क्या होगा? ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान कॉलेज प्रशासन पहले हिचकिचाया, लेकिन दबाव बढ़ने पर ज्ञापन स्वीकार कर लिया। हालांकि उन्होंने छात्रों के भविष्य पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि “मामला न्यायालय में विचाराधीन है, 1 तारीख को फैसला आ जाएगा।” एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा अगर 5 दिनों में जवाब नहीं मिला, तो हम सैकड़ों छात्रों के साथ महाविद्यालय का घेराव करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान छात्रनेता करन यादव, सुमित ठाकुर, अंशु गोस्वामी, बिट्टू पाठक, प्रदीप सिंह, अभिषेक, हर्ष, सोनू सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। छात्रों के भविष्य को लेकर जारी यह संघर्ष अब और तेज हो सकता है। कॉलेज प्रशासन की चुप्पी से छात्र नाराज हैं और जल्द ही कोई बड़ा प्रदर्शन हो सकता है। अब सबकी नजरें 1 तारीख पर टिकी हैं, जब न्यायालय का फैसला आएगा। तब तक छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी रहने की संभावना है।
