NTPC सीपत में मजदूरों का शोषण! ठेकेदार की मनमानी आई सामने..मजदूरी मांगी तो गेट पास छीना, मजदूरों को भगाया! शोषण की हद पार..मिल रही धमकियां, सड़क पर उतरे मजदूर, खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला……..

सीपत: (प्रांशु क्षत्रिय) एनटीपीसी सीपत संयंत्र में कार्यरत 35 मजदूरों को सिमर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके पेटी ठेकेदार रंजन कुमार सिंह द्वारा दो माह की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। जब मजदूरों ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी तो उन्हें काम से निकाल दिया गया और धमकियां दी गईं।
मजदूरों के अनुसार वे सिमर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (पानीपत, हरियाणा) के तहत ठेके पर काम कर रहे थे। लेकिन जब जनवरी और फरवरी की मजदूरी नहीं मिली और उन्होंने शिकायत की, तो कंपनी ने उनके गेट पास जब्त कर लिए। कंपनी के प्लानिंग मैनेजर अखिलेश और एचआर अधिकारी आलोक गुप्ता पर मजदूरों को डराने-धमकाने के आरोप लगे हैं। इन मजदूरों में कई स्थानीय और अन्य राज्यों से आए लोग शामिल हैं, जो किराए के मकानों में रह रहे हैं। दो माह से मजदूरी नहीं मिलने के कारण उनके परिवार भुखमरी की स्थिति में आ गए हैं। राशन दुकानदार उधारी देने से मना कर रहे हैं, मकान मालिक किराया न मिलने पर घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। मजदूरों ने इस अन्याय के खिलाफ एनटीपीसी के मानव संसाधन विभाग, सीपत थाने और श्रमायुक्त बिलासपुर को लिखित शिकायत दी है। बुधवार को ये सभी मजदूर एनटीपीसी के मटेरियल गेट के पास न्याय की गुहार लगाते देखे गए। इस दौरान जब वे मीडिया से अपनी व्यथा साझा कर रहे थे, तो कंपनी के अधिकारी आए और उन्हें धमकाने लगे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिमर इंफ्रास्ट्रक्चर के अधिकारी मजदूरों को धमकाते नजर आ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब एनटीपीसी सीपत में मजदूरों का शोषण हुआ है। पहले भी कई बार मजदूरों को भुगतान न मिलने की शिकायतें आई हैं, लेकिन प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते ठेकेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इसी कारण ठेकेदारों की मनमानी बढ़ती जा रही है और मजदूरों का शोषण जारी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाती है। मजदूरों को उनका हक मिलेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
