20 दिन, 15 सुसाइड की कोशिशें! छत्तीसगढ़ के इस गांव में मौत का साया..3 की गई जान, दहशत में डूबा गांव, डर के साए में जी रहे लोग, देवी की शरण में पहुंचे ग्रामीण.. प्रशासन अलर्ट, नशे की लत या अलौकिक शक्ति? रहस्य बरकरार! क्या हवन और काउंसलिंग से टूटेगा मौत का सिलसिला? खबर पढ़कर समझिए पूरा मामला……..

छत्तीसगढ़:(प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के इन्दागांव (मैनपुर ब्लॉक) में पिछले 20 दिनों से मौत का खौफनाक खेल जारी है। 3 मार्च से 21 मार्च के बीच 15 लोगों ने आत्महत्या की कोशिश की, जिनमें से 3 की जान चली गई। बाकी 12 को किसी तरह बचा लिया गया, लेकिन पूरा गांव सदमे में है। लगातार हो रही इन आत्महत्याओं ने 3500 की आबादी वाले इस गांव को दहशत और अनिश्चितता के भंवर में धकेल दिया है। कोई समझ नहीं पा रहा कि यह मौत का सिलसिला क्यों शुरू हुआ और इसे कैसे रोका जाए। गांव में मौतों का सिलसिला रुकता न देख, ग्राम प्रमुख, सरपंच, पंच, कोटवार, पटेल, पुजारी और 100 से ज्यादा ग्रामीण देवी मंदिर में जुटे। ग्राम पुजारी सुंदर के नेतृत्व में ग्राम देवी की पूजा-अर्चना की गई। पुजारी ने कहा, “गांव में जो कुछ हो रहा है, वह अकल्पनीय है। लोग डरे हुए हैं। आत्महत्याओं का यह सिलसिला थम नहीं रहा, इसलिए हमने देवी की शरण ली है।” गांव में बढ़ते आत्महत्या के मामलों से प्रशासन भी सकते में है। SDM, SDOP और BMO की टीम गांव में कैंप कर रही है। CMHO गार्गी यदु ने बताया कि मनोवैज्ञानिक चिकित्सकों की टीम ने गांव में काउंसलिंग शुरू की है और जल्द ही एक और दौरा किया जाएगा। प्रशासन आत्महत्याओं की वजह मानसिक स्वास्थ्य और नशे की समस्या को मान रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में शराब और गांजे की लत आम है। प्रशासन अब NGO की मदद से लोगों को जागरूक करने की योजना बना रहा है। हालांकि ग्रामीण इसे किसी अलौकिक शक्ति या सामाजिक तनाव से जोड़कर देख रहे हैं। कुछ परिवार अपने सदस्यों की पहचान तक छिपा रहे हैं, जिससे मामला और रहस्यमय हो गया है।
क्या हवन और काउंसलिंग से टूटेगा मौत का सिलसिला….?
इन्दागांव इस समय आत्महत्या की लहर और डर के माहौल में जी रहा है। एक तरफ प्रशासन मनोवैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं पर काम कर रहा है, तो दूसरी ओर ग्रामीण देवी की पूजा और हवन के जरिए राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना होगा कि क्या ये प्रयास गांव को मौत के इस काले साए से बाहर निकाल पाएंगे, या यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा?