बिलासपुर; शिक्षा पर संकट! स्कूल बंद, 24 बच्चों की पढ़ाई पर ताला! मासूमों का भविष्य अंधेरे में..अभिभावकों की गुहार—सरकार कुछ करो! खबर पढ़कर जानिए पूरा मामला……


बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) उच्च न्यायालय के आसपास बसे गांव धमनी, कड़ार, सेंवार और चकरभाठा के 24 गरीब बच्चों का भविष्य अचानक अंधेरे में चला गया है। ये बच्चे शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन अब स्कूल प्रबंधन ने नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही स्कूल बंद करने का फैसला कर लिया है। इन गांवों में अब कोई और निजी स्कूल नहीं बचा, जहां ये बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। परेशान अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द कोई समाधान निकाले। अभिभावक सुरेश कैवर्त ने कहा, “स्कूल के अचानक बंद होने से हमारे बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।” सोनम पाटिल ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कई परिवार निजी स्कूलों की महंगी फीस नहीं चुका सकते। जिला शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी के मुताबिक, जिले के दो निजी स्कूल—विनर्स वैली जरहभाठा और सेंट एंड्रयूज स्कूल धमनी—सत्र समाप्ति के बाद बंद हो रहे हैं। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से अन्य समूह को संचालन सौंपने का प्रस्ताव रखा, लेकिन स्कूलों ने इससे इनकार कर दिया। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा? अगर जल्द कोई हल नहीं निकाला गया, तो उनकी शिक्षा पूरी तरह से रुक सकती है। अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और इन बच्चों को किसी अन्य स्कूल में दाखिला दिलाए। अब देखना होगा कि क्या प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा या इन मासूमों का भविष्य यूं ही संकट में रहेगा?

