निर्माणाधीन गणेश पंडाल में हादसा: टैंकर लेकर गए ट्रेक्टर चालक की मौत, उठ रहे कई सवाल, पढ़िए पूरी खबर……

भिलाई: (प्रांशु क्षत्रिय) गणेश उत्सव के दौरान भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-2 स्थित एक निर्माणाधीन गणेश पंडाल में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। टैंकर चालक संतोष कुमार साहू उम्र 46 वर्ष की करंट लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और यह घटना आयोजन समिति और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। सूत्रों के अनुसार गणेश उत्सव के लिए इस बार एक बड़ा फिश टैंक बनाया गया था, जिसमें पानी भरने की जिम्मेदारी ठेकेदार जुनैब खान को दी गई थी। जुनैब ने मटंग गाड़ाडीह निवासी संतोष कुमार साहू को टैंकर लेकर पंडाल में पानी पहुंचाने के लिए भेजा था। शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे संतोष पंडाल में पहुंचा और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के और हाथों में ग्लव्स पहने मोटर फिट करने लगा। इस दौरान करंट की लाइन चालू थी, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना के बाद लोग संतोष को सुपेला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस स्थानीय लोगों और परिजनों के बयान ले रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके। आयोजन समिति के अध्यक्ष जे. श्रीनिवास राव ने इस घटना से इनकार करते हुए कहा कि यह घटना पंडाल के पास नहीं बल्कि भिलाई विद्यालय मैदान के पास हुई है। उनके अनुसार घटना के समय समिति के लोग रायपुर में आमंत्रण देने गए थे और उन्हें पता चला कि कोई टैंकर से गिर गया है। उन्होंने कहा कि पूरी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। ठेकेदार जुनैब खान ने भी घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि संतोष उनके यहां काफी समय से काम कर रहा था और पहली बार करंट लगने की घटना हुई है। उन्होंने पूरी मामले की जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। बीएसपी प्रबंधन की लापरवाही भी इस घटना के संदर्भ में चर्चा का विषय बन गई है। भिलाई टाउनशिप में बीएसपी अपनी खुद की बिजली सप्लाई करता है और बिजली मेंटिनेंस का काम भी बीएसपी खुद करता है। गणेश पूजा के दौरान आयोजक बिना बीएसपी की अनुमति के सड़कों और पंडाल के आसपास नंगी तारों का जाल बिछा देते हैं, जिससे संभावित दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। बीएसपी ने हाल ही में कुछ पंडाल संचालकों को नोटिस भी जारी किया था, लेकिन ठोस कार्रवाई की कमी स्पष्ट है।

