भाटिया वाइन मर्चेंट्स धूमा: बेपरवाह कार्यशैली को लेकर विवादों व चर्चा में, दूषित जहरीला पानी नदी में छोड़ने के मामले में SDM ने किया नोटिस जारी, पढ़िए पूरी खबर….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) धूमा स्थित भाटिया वाइन मर्चेन्ट की शराब फैक्ट्री एक बार फिर अपने बेपरवाह कार्यशैली को लेकर विवादों एवं चर्चा में है। फैक्ट्री से दूषित जहरीला पानी निकलकर नदी में जाने से लाखों मछलियों और दर्जनों मवेशियों के मरने के मामले में पथरिया एसडीएम भरोसेराम ठाकुर ने फिर से भाटिया वाइन मर्चेन्ट के संचालक बीएस भाटिया को नोटिस जारी कर 23 जुलाई को उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। साथ ही संतोषप्रद जवाब न देने या अनुपस्थित रहने पर एकपक्षीय कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। दूषित जहरीले पानी से नदी दूषित होकर जीव जंतु मरने तथा उस पानी के पीने से इंसानों की जान को भी खतरा होने तथा उपयोग से भी कैंसर, त्वचा रोज, जैसी कई गंभीर बीमारियां होने की आशंका स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने जताई है।

सीएमएचओ ने कहा है, कि आवश्यकता पड़ने पर फैक्ट्री के दूषित पानी से प्रभावित आसपास के ग्रामों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की जायेगी। वहीं पर्यावरण, राजस्व, आबकारी सभी विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके बाद कार्रवाई संभावित है। मामले में विश्व हिंदु परिषद जैसे संगठन आक्रोशित है, एक सप्ताह में एफआईआर एवं कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन प्रदर्शन की चेतावनी दिए हैं। प्रशासन ने आसपास के ग्रामों में मुनादी कराकर पानी का उपयोग न करने एवं मरी हुई मछलियों को न खाने की अपील की है।

मामले पर स्वास्थ्य विभाग की भी नजर:-
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले को संज्ञान में लेकर नजर बनाई हुई है। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र पैकरा ने बताया कि जिस दूषित पानी से यदि मवेशी और मछलियां मर सकती है, तो उस पानी के पीने से इंसान की भी मौत हो सकती है। साथ ही उपयोग करने से ही कई गंभीर त्वचा की बीमारी कैंसर तक हो सकता है। जरूरत पड़ने पर या शिकायत आने पर आसपास गांव में शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की जायेगी।
27 अप्रैल को भी जारी किया था, नोटिस:-
जिले के धूमा स्थित भाटिया वाइन मर्चेन्ट की शराब फैक्ट्री एक बार फिर से विवादों में है। इसके पहले भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में कार्रवाई हो चुकी है, उस कार्रवाई के बाद संस्थान ने ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का दावा जरूर किया है, परंतु उसके बाद भी दूषित पानी को हर साल बारिश के दिनों में जब नदी में ज्यादा पानी होता है, तब नदी में छोड़े जाने का आरोप ग्रामीण लगाते रहे हैं। दूषित पानी से जीव जंतुओं को नुकसान होने के चलते एसडीएम पथरिया भरोसेराम ठाकुर ने 27 अप्रैल को नोटिस जारी किया था, जिस पर लोकहित बाधित होने के अधिनियम 1973 की धारा के तहत प्रकरण विचाराधीन है। एसडीएम भरोसेराम ठाकुर ने कहा कि किसी भी हाल में फैक्ट्री का दूषित पानी नदी में छोड़ा जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
