धरना आंदोलन पर प्रतिबंध को लेकर बीजेपी का कांग्रेस पर निशाना, डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी बोले अंग्रेजों के जमाने में भी नहीं जारी हुए इस तरह की फतवे



बिलासपुर में कुछ विशेष सड़को गैर राजनीतिक आंदोलन और रैली प्रर्दशन धरना पर रोक लगाने के आदेश पर सियासत तेज हो गई है। रैली जुलूस पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बीजेपी ने सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता एवं विधायक डा. कृष्णामूर्ति बांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अंग्रेजों के जमाने में भी इस तरह के फतवे जारी नहीं किए गए और ना ही ब्रिटिश शासन के दौरान ऐसा कोई तानाशाह देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह का माहौल पहली बार देखने को मिल रहा है। जहां सरकार के निर्देश पर इस तरह का प्रतिबंध लगाया जा रहा है जिला प्रशासन ने जनता की आवाज दबाने का काम किया है, जो अनुचित है। ब्रिटिश शासनकाल के दौरान भी इस तरह के फतवे जारी आम जनता की आवाज दबाने का काम कर रही है क्योंकि कांग्रेस को यह पता चल गया है कि उनकी जमीन अब हिलने लगी है इसलिए कांग्रेस आम जनता की आवाज को दबाने के लिए इस तरह के फतवे जारी कर रहि है जिला कलेक्टर ने इस तरह के आदेश निकाले हैं उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करना चाहिए। और तत्काल प्रतिबंध हटाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला: बिलासपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया है. इस आदेश में शासकीय कार्यालयों, प्रतिष्ठानों के आसपास, प्रमुख मार्गों में रैली, जुलूस और धरना प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया गया. कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी सौरभ कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. इसके साथ ही धारा 144 के साथ आगामी दो महीने तक आदेश प्रभावशील रहेगा. प्रशासनिक और कानूनी स्थिति का हवाला देते हुए ये प्रतिबंध लगाया गया है.
भाजपा की बड़ी रैली और आमसभा है प्रस्तावित: 11 नवंबर को भाजपा महिला भाजपा ने महतारी हुंकार रैली का आयोजन बिलासपुर में रखा है. रैली के बाद आमसभा भी रखा गया है. इस आदेश के बाद बिलासपुर की राजनीति गरमा सकती है. भाजपा के साथ ही आप की भी रैली है. इसके अलावा गैर राजनीतिक संगठन और धार्मिक आयोजनों में शोभायात्रा निकाली जाती है. ऐसे में इस आदेश से एक बड़ा वर्ग सरकार और प्रशासन के विरोध में आ सकता है.

