BILASPUR: शादी घर तक पहुंचा छत्तीसगढ़ी की लड़ाई, दुल्हा दुल्हन ने पोस्टर लहराकर किया मांग…छत्तीसगढ़ियां भाषा के लिए आगे आए: क्रांति सेना….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ राज्य बने 24 साल हो गए लेकिन यहां की लाइफलाइन भाषा छत्तीसगढ़ी का हाल बेहाल है, नेताओ द्वारा अपने हित के लिए छत्तीसगढ़ी भाषा में बड़े-बड़े होल्डिंग लगाया जाता हो, लेकिन न तो वह पढ़ाई लिखाई का माध्यम बन पा रहा है, ना ही आठवीं अनुसूची में शामिल हो पा रहा हैं, जिसके लिए छत्तीसगढ़िया समाज द्वारा अनेक आंदोलन किया जा रहा है।

इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ी क्रांति सेना के सदस्यों ने संगठन के अंकित मरावी के शादी के विवाह पंडाल में पहुंचकर छत्तीसगढ़ी का पोस्टर लहराकर लोगों को जागरूक और सरकार से मांग किया की, छत्तीसगढ़ी को जल्द से जल्द पढ़ाई लिखाई के भाषा और आठवी अनुसूची में जोड़ने का गम्भीर प्रयास करे। अंकित का बारात बिल्हा के हरदी से सिरगिट्टी बिलासपुर आया था, जहां वरमाला पंडाल पर दुल्हा, दुल्हन ने पोस्टर लहराकर समर्थन दिया एवं सैंकड़ो घराती, बाराती को गुहार लगाया कि छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए आगे आए। इस जनजागरण में शामिल ठा.शैलु छत्तीसगढ़िया ने बताया कि छत्तीसगढ़िया समाज से अनिल पाली, राजकुमार, कृष्णा कौशिक, प्रदीप, संजय, महावीर समेत दर्जनों सेनानी ने पोस्टर लहराकर मांग किया।
