विजयदशमी पर राजनांदगांव पुलिस ने पूजे शस्त्र : SP अंकिता शर्मा ने हर्ष फायर कर की मां शक्ति की आराधना, जनसुरक्षा का लिया संकल्प
राजनांदगांव पुलिस ने विजयदशमी पर रक्षित केंद्र में शस्त्र पूजन किया। SP अंकिता शर्मा ने मां शक्ति की आराधना कर जनसुरक्षा और शांति का संकल्प लिया।


राजनांदगांव। विजयदशमी के अवसर पर राजनांदगांव पुलिस ने रक्षित केंद्र में पारंपरिक शस्त्र पूजन किया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने विधि-विधान से मां शक्ति की पूजा-अर्चना कर पुलिस के शस्त्रों का पूजन किया। इस दौरान जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
विजयदशमी को धर्म की अधर्म और अच्छाई की बुराई पर जीत के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है। इसी परंपरा के तहत पुलिस विभाग में भी हर साल शस्त्र पूजन किया जाता है। पूजा के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों ने अपने शस्त्रों को नमन करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया।
मां शक्ति से मांगी बुराइयों से लड़ने की शक्ति
शस्त्र पूजन के दौरान पुलिसकर्मियों ने संकल्प लिया कि उनके शस्त्रों का इस्तेमाल हमेशा कानून की रक्षा और जरूरतमंदों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि विजयदशमी पर मां भवानी की आराधना कर समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ मजबूती से लड़ने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की शक्ति मांगी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य दायित्व नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। शस्त्र पूजन इसी जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध को और मजबूत करने का अवसर है।
परंपरा के तहत हुआ हर्ष फायर
पूजा-अर्चना के बाद पुलिस अधिकारियों ने विभागीय परंपरा के अनुसार हर्ष फायर किया। इस दौरान रक्षित केंद्र में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिला। विजयदशमी के अवसर पर जिले के अलग-अलग थाना, चौकी और पुलिस कैंपों में भी शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में पुलिसकर्मियों ने मां शक्ति की आराधना करते हुए जिले में शांति, सुरक्षा और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का संकल्प दोहराया।
ASP समेत पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
रक्षित केंद्र में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर सहित जिले के विभिन्न पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विजयदशमी का यह आयोजन पुलिस विभाग की वर्षों पुरानी परंपरा को निभाने के साथ ही जनसेवा और नागरिक सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दोहराने का अवसर भी बना।




