रसमड़ा स्टील प्लांट हादसे में कर्मचारी की मौत : निदेशक और ठेकेदार पर FIR दर्ज, सुरक्षा में लापरवाही की जांच
दुर्ग के रसमड़ा स्थित जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज में इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान पिघले मेटल की चपेट में आने से कर्मचारी की मौत हो गई। मामले में निदेशक और ठेकेदार पर BNS की धारा 289 और 106(1) के तहत FIR दर्ज की गई है....


दुर्ग। जिले के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक स्टील प्लांट में हुए हादसे ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल के दौरान हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ट्रायल के दौरान अचानक बाहर आया पिघला मेटल
घटना 17 अक्टूबर 2026 की है। चौकी अंजोरा और थाना पुलगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रसमड़ा स्थित स्टील प्लांट में इंडक्शन फर्नेस का ट्रायल किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक बड़ी मात्रा में पिघला हुआ मेटल बाहर निकल गया। वहां काम कर रहे 42 वर्षीय संतोष श्रीवास्तव इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के तुरंत बाद घायल कर्मचारी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उनकी मौत हो गई। कर्मचारी की मौत के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच तेज कर दी।
प्लांट संचालन में लापरवाही का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्लांट संचालन के दौरान आवश्यक सावधानी नहीं बरते जाने और लापरवाही की आशंका सामने आई है। इसके आधार पर पुलिस ने प्लांट प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदार व्यक्ति और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्नेस का ट्रायल किन सुरक्षा मानकों के तहत कराया जा रहा था, मौके पर कर्मचारियों के लिए किस तरह के सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे और हादसे के लिए कौन-कौन से कारक जिम्मेदार रहे।
BNS की दो धाराओं में मामला दर्ज
मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 और 106(1) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब घटना से जुड़े दस्तावेज, सुरक्षा व्यवस्था और हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। विवेचना पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।




