बस्तर में बदला दौर : जिन हथियारों ने नक्सल मोर्चे पर दिया साथ, विजयादशमी पर उन्हीं को किया नमन
बस्तर में विजयादशमी पर नक्सल मोर्चे में इस्तेमाल आधुनिक हथियारों और पुलिस वाहनों का पूजन किया गया। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने शांति व सुरक्षा का संकल्प लिया....


जगदलपुर। बस्तर में विजयादशमी का पर्व इस बार नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात रहे सुरक्षा बलों के लिए विशेष रहा। जगदलपुर पुलिस लाइन में दशहरे के मौके पर उन आधुनिक हथियारों और संसाधनों का पूजन किया गया, जिनका इस्तेमाल लंबे समय तक नक्सल प्रभावित इलाकों में जवानों की सुरक्षा और अभियानों के दौरान किया जाता रहा है। पुलिस वाहनों को भी पूजन कार्यक्रम में शामिल किया गया।
दूरस्थ कैंपों में इस्तेमाल होने वाले शस्त्र भी पहुंचे पुलिस लाइन
शस्त्र पूजन के लिए अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में तैनात जवानों के उपयोग में आने वाले हथियारों को भी पुलिस लाइन लाया गया। इनमें नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले आधुनिक शस्त्र शामिल थे। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने इन हथियारों के साथ वाहनों की भी विधिवत पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में बस्तर आईजी बद्रीनाथ मीणा, एसपी सलभ सिन्हा, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और DRG के जवान उपस्थित रहे।
नक्सलवाद के लंबे दौर के बाद बदला बस्तर
एसपी सलभ सिन्हा ने कहा कि इस साल बस्तर में विजयादशमी का उत्सव अलग महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि कई दशकों तक नक्सलवाद की चुनौती के बीच जवानों और आम लोगों को मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा। इस संघर्ष में अनेक लोगों ने अपनी जान गंवाई। उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और लगातार किए गए अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। इसके चलते इस बार क्षेत्र में विजयादशमी का पर्व पुलिस के साथ-साथ आम जनता के लिए भी विशेष उत्साह लेकर आया है।
शांति और सुरक्षा को लेकर पुलिस का संकल्प
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विजयादशमी के अवसर पर नक्सल विरोधी अभियानों में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और अन्य संसाधनों का पूजन करने के साथ जवानों ने अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प लिया। पुलिस ने बस्तर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में कायम शांति को आगे भी मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।




