बिलासपुर के स्कूलों में मनमानी पर शिक्षा विभाग की सख्ती; कहीं प्राचार्य गायब तो कहीं शिक्षकों ने नहीं लिया एक भी पीरियड, नोटिस जारी..संयुक्त संचालक के औचक निरीक्षण में खुली पोल!


बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और अध्यापन व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर अश्विनी भारद्वाज ने सहायक संचालक प्रकाश तिवारी के साथ बिल्हा, चकरभाठा, हरदी और हिर्री के विभिन्न विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षकों की उपस्थिति, निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार अध्यापन, विद्यालय संचालन और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई। निरीक्षण में कई कमियां सामने आने पर संबंधित प्राचार्यों से स्पष्टीकरण मांगने और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बिल्हा के निरीक्षण के दौरान पदस्थ 10 व्याख्याताओं में से 8 उपस्थित मिले, जबकि 2 शिक्षक अवकाश पर थे। वहीं पूर्व माध्यमिक विभाग में कार्यरत संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा नियमित अध्यापन नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य चंद्रमान ठाकुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा पूर्व माध्यमिक विभाग की शैक्षणिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए।
चकरभाठा में प्राचार्य अनुपस्थित, 17 में से सिर्फ 4 व्याख्याताओं ने पढ़ाया…….
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट कन्या विद्यालय चकरभाठा में प्राचार्य सहित कुल 17 व्याख्याता पदस्थ हैं। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य प्रदीप कुमार केरकेट्टा अनुपस्थित मिले। प्राप्त जानकारी के अनुसार वे अपराह्न 3.45 बजे से विद्यालय में उपस्थित नहीं थे। दो व्याख्याताओं द्वारा ऑनलाइन अवकाश आवेदन दिए जाने की जानकारी भी सामने आई। वहीं शारीरिक शिक्षा शिक्षक आशीष लहरे की नियमित उपस्थिति को लेकर भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आई कि निरीक्षण के दिन केवल 4 व्याख्याताओं ने निर्धारित कालखंड के अनुसार अध्यापन कराया, जबकि शेष व्याख्याताओं ने एक भी कालखंड नहीं लिया था। पर्याप्त संख्या में शिक्षक उपलब्ध होने के बावजूद अध्यापन व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सभी व्याख्याताओं को समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से कक्षाएं लेने के निर्देश दिए गए।
हरदी में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर नाराजगी…..
शासकीय प्राथमिक शाला हरदी में निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर प्रधान पाठक श्रीमती शुक्ला और भोजन तैयार करने वाले समूह को चेतावनी देते हुए भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए। वहीं पूर्व माध्यमिक शाला हरदी में पदस्थ भृत्य कृष्ण कुमार के संलग्नीकरण की जानकारी सामने आने पर जिला शिक्षा अधिकारी को उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए गए।
हिर्री में व्यवस्था मिली व्यवस्थित…….
शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री का संचालन निरीक्षण के दौरान व्यवस्थित पाया गया। हालांकि यहां पदस्थ भृत्य शुश्रीमणी साहू के बिल्हा तहसील में संलग्न होने की जानकारी सामने आई, जिसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई।
लापरवाही पर अब जवाबदेही तय करने के संकेत……..
संयुक्त संचालक के आकस्मिक निरीक्षण से साफ है कि शिक्षा विभाग अब केवल स्कूलों की उपस्थिति दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि शिक्षकों की वास्तविक कक्षा उपस्थिति, नियमित अध्यापन और विद्यार्थियों को मिल रही शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी नजर रखी जा रही है। निरीक्षण में मिली कमियों पर नोटिस और सुधार के निर्देश से स्कूलों में जवाबदेही तय करने का संदेश गया है।

