कोपर्शी जंगल में माओवादियों के डंप पर बड़ा वार : BGL लॉन्चर, 21 कारतूस और 7 डेटोनेटर समेत हथियार बरामद
गडचिरोली पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियार और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद किया है...

रायपुर। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे महाराष्ट्र के कोपर्शी जंगल में सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। गडचिरोली पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियार और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान में .303 रायफल, दो सिंगल शॉट रायफल, दो देशी पिस्टल और एक BGL लॉन्चर शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
21 जिंदा कारतूस और 7 डेटोनेटर मिले
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को 10 BGL सेल, 21 जिंदा कारतूस, 7 डेटोनेटर और करीब 150 मीटर केबल वायर मिला। मौके से दो मैगजीन, दो कुकर, तीन वॉकी-टॉकी, तीन चार्जर और दो वॉकी-टॉकी बैटरियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस को पहले सूचना मिली थी कि कोपर्शी के जंगल में माओवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे हैं। इसी इनपुट के आधार पर 6 अक्टूबर को एसपी एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान शुरू किया गया।
7 टीमों ने जंगल में चलाया सर्च ऑपरेशन
अभियान के तहत प्राणहिता की विशेष अभियान टीम की 5 टुकड़ियों के साथ BDDS की 2 टीमों को जंगल में भेजा गया। जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की। इसी दौरान जमीन के भीतर छिपाकर रखा गया हथियार और विस्फोटक सामान बरामद हुआ।
घातपात के लिए इस्तेमाल की आशंका
पुलिस का कहना है कि माओवादी दुर्गम जंगल क्षेत्रों का फायदा उठाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखते रहे हैं। पुलिस के अनुसार, नक्सल सप्ताह, चुनाव अथवा सुरक्षा बलों की आवाजाही के दौरान इनका इस्तेमाल घातपात की घटनाओं में किए जाने की आशंका रहती है। बरामद डंप को भी इसी उद्देश्य से छिपाकर रखे जाने की आशंका पुलिस ने जताई है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

