कोल लेवी केस : EOW कोर्ट पहुंचे देवेंद्र यादव समेत 3 कांग्रेस नेता, आज पेश हो सकता है अंतिम चालान
कोल लेवी मामले में देवेंद्र यादव, चंद्रदेव राय और विनोद तिवारी EOW की विशेष अदालत पहुंचे। मामले में 9 आरोपियों को समन जारी हुआ है और आज अंतिम चालान पेश होने की संभावना है....

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी प्रकरण में आज आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की विशेष अदालत में अहम सुनवाई हो रही है। मामले में आरोपी बनाए गए भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक चंद्रदेव राय और कांग्रेस नेता विनोद तिवारी कोर्ट में उपस्थित होने पहुंचे। ACB-EOW ने इस मामले में कुल 9 आरोपियों को समन जारी किया है। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी की ओर से अंतिम चालान पेश किए जाने की संभावना है।
कोर्ट पहुंचते ही देवेंद्र यादव का सरकार पर हमला
अदालत में पेशी के लिए पहुंचे देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन सरकार पर न तो उन्हें विश्वास है और न ही जनता को। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक जांच चलने के बाद अब चार्जशीट पेश करने की स्थिति बनी है। देवेंद्र यादव ने सरकार को कुशासन की सरकार बताते हुए कहा कि वह कांग्रेस और राहुल गांधी के सिपाही हैं और अपनी लड़ाई पीछे हटे बिना जारी रखेंगे। विधायक ने यह भी कहा कि जेल में रहने के दौरान भी उनका हौसला नहीं टूटा था, इसलिए मौजूदा मामले को लेकर लगाए जा रहे आरोप या कथित साजिश भी उन्हें डराने वाली नहीं है।
चिंतामणि महाराज को लेकर बीजेपी पर निशाना
देवेंद्र यादव ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए चिंतामणि महाराज का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि मामले की शुरुआती FIR में चिंतामणि महाराज का नाम प्रमुखता से शामिल था, लेकिन बाद में बीजेपी में शामिल होने के बाद उनका नाम मामले से हटा दिया गया। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि यह बीजेपी की कार्यप्रणाली का उदाहरण है। हालांकि, इन राजनीतिक आरोपों पर बीजेपी या चिंतामणि महाराज की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
2020 से 2022 के बीच अवैध कोल लेवी का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह मामला 2020 से 2022 के बीच कोयला परिवहन से जुड़ी कथित अवैध वसूली से संबंधित है। आरोप है कि ऑनलाइन ई-परमिट व्यवस्था में बदलाव के बाद मैन्युअल एनओसी की व्यवस्था के जरिए कोयला परिवहन करने वालों से प्रति टन 25 रुपये की लेवी वसूली गई। जांच में एक ऐसे समानांतर नेटवर्क का आरोप लगाया गया है, जिसके जरिए रकम जुटाई जाती थी। एजेंसियों ने इस नेटवर्क में अधिकारियों, बिचौलियों और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की है।
500 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाने का दावा
जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित लेवी के जरिए वर्ष 2020 से 2022 के बीच 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम एकत्र की गई। एजेंसियों का आरोप है कि इस राशि का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने, चुनावी और निजी खर्चों सहित अन्य माध्यमों में किया गया। अब EOW की विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि जांच एजेंसी अंतिम चालान पेश करती है तो मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और जुटाए गए साक्ष्यों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। अदालत में आगे की कार्रवाई के बाद ही मामले की अगली दिशा तय होगी।

