सीपत क्षेत्र के गौठानों में नहीं थम रहा मौत का सिलसिला; झलमला के बाद नरगोड़ा में 20-25 मवेशियों की मौत का दावा..वीडियो वायरल!


बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में मवेशियों की लगातार हो रही मौतों ने गौठानों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो दिन पहले सीपत क्षेत्र के झलमला गौठान में 31 मवेशियों की मौत का मामला सामने आया था। अब इसी क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा स्थित अस्थाई गौठान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौठान में मवेशियों की मौत का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि अस्थाई गौठान में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लगातार मवेशियों की मौत हो रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के अनुसार पिछले एक सप्ताह में करीब 20 से 25 मवेशियों की मौत हुई है। आरोप है कि मृत मवेशियों को गौठान से घसीटकर गांव के खाली मैदान में फेंका गया। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद गौठानों की व्यवस्था और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। झलमला मामले में 31 मवेशियों की मौत के बाद भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बीच नरगोड़ा का वीडियो सामने आने से प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, नरगोड़ा में मवेशियों की मौत की संख्या और उसके कारणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासनिक जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सबसे बड़ा सवाल…बेजुबानों की मौत का जिम्मेदार कौन?
लगातार सामने आ रहे मौत के मामलों के बीच सवाल यही है कि गौठानों में मवेशियों के लिए चारा, पानी और देखरेख की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं हो पा रही है? यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी? अब निगाह प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।

