बिलासपुर; उर्वरकों की कालाबाजारी पर कृषि विभाग की सख्ती: 12.645 टन खाद की बिक्री पर लगाई रोक; बिना प्राधिकार पत्र बेच रहे थे यूरिया और सुपर फॉस्फेट!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले में रासायनिक उर्वरकों की कालाबाजारी, अनियमित बिक्री और किसानों के बीच कृत्रिम अभाव की स्थिति को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत मंगलवार को विकासखंड बिल्हा के ग्राम पोड़ी सरवानी स्थित प्रजापति ट्रेडर्स में औचक निरीक्षण कर 12.645 टन उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगा दी गई। जानकारी के अनुसार, उर्वरक निरीक्षक बिल्हा आर.एस. गौतम ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि विक्रेता द्वारा आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना यूरिया एवं सिंगल सुपर फॉस्फेट उर्वरक का विक्रय किया जा रहा था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9.495 टन यूरिया तथा 3.15 टन सिंगल सुपर फॉस्फेट सहित कुल 12.645 टन उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके साथ ही संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समयावधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। उप संचालक कृषि पी.डी. हाथेश्वर ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होने की स्थिति में संबंधित उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित करने सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उर्वरक निरीक्षक आर.एस. गौतम ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा और उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड बिल्हा में इस प्रकार के निरीक्षण और जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं से उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करते हुए ही खाद के भंडारण एवं विक्रय करने की अपील की है।
