बिलासपुर; खाद संकट पर कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव: बैलगाड़ी पर पहुंचे नेता, किसानों के लिए खाद-डीजल और बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) खरीफ सीजन से पहले खाद, डीजल और बिजली की उपलब्धता को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों के बीच मंगलवार को किसान कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बैलगाड़ी पर सवार होकर पहुंचे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कृषि समृद्धि और आधुनिक खेती के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर किसान खाद और डीजल के लिए भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना था कि खरीफ सीजन सिर पर है, लेकिन सहकारी समितियों में खाद की कमी और डीजल वितरण की अव्यवस्था से किसान परेशान हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छोटे और सीमांत किसानों को खाद प्राप्त करने के लिए घंटों कतार में लगना पड़ रहा है, जबकि प्रभावशाली लोगों को आसानी से खाद उपलब्ध हो रही है। नेताओं ने कहा कि प्रदेश के अन्नदाता को ही सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, जिला किसान कांग्रेस (शहर) अध्यक्ष योगेश यादव तथा जिला किसान कांग्रेस (ग्रामीण) अध्यक्ष संतोष बघेल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की विभिन्न समस्याओं का उल्लेख किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि किसान प्रतिदिन खाद और डीजल की तलाश में समय और श्रम दोनों गंवा रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल कागजी दावों तक सीमित हैं।
खाद वितरण नीति पर उठाए सवाल……
कांग्रेस नेताओं ने प्रति एकड़ एक बोरी खाद वितरण व्यवस्था को किसान विरोधी बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग की। उनका कहना है कि किसानों की खाद आवश्यकता फसल और भूमि की स्थिति के अनुसार तय होती है, इसलिए उन्हें जरूरत के अनुरूप खाद उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इसके अलावा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को किश्तों में खाद वितरण की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई गई। कांग्रेस ने टोकन और किश्त प्रणाली समाप्त कर एकमुश्त खाद वितरण की मांग की है।
डीजल वितरण में राहत की मांग…….
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को डीजल लेने के लिए ट्रैक्टर सहित पेट्रोल पंप पहुंचने की बाध्यता बनाई गई है और सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है। कांग्रेस ने किसानों को जरकिन और डिब्बों में डीजल देने पर लगी रोक हटाने की मांग भी की।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें……..
कांग्रेस ने प्रशासन से कृषि बिजली की बढ़ी हुई दरें वापस लेने, अघोषित बिजली कटौती रोकने, खाद की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने, प्रदेशभर में खाद की एक समान दर सुनिश्चित करने, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण सीमा बढ़ाने, धान की राशि और बोनस का एकमुश्त भुगतान करने तथा कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की लंबित अनुदान राशि तत्काल जारी करने की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी………
कलेक्ट्रेट परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि खाद, डीजल और बिजली संकट का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस और जिला कांग्रेस व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी।
