बिलासपुर में मटका लेकर सड़क पर उतरी कांग्रेस, नगर निगम के ‘विकास भवन’ का घेराव कर सरकार और प्रशासन को जमकर रेला, उग्र आंदोलन की चेतावनी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एक तरफ सूबे की सरकार सुशासन तिहार जैसे आलीशान कार्यक्रमों के जरिए विकास के बड़े-बड़े ढोल पीट रही है, तो दूसरी तरफ न्यायधानी की जनता बूंद-बूंद साफ पानी और चैन की बिजली के लिए तरस रही है। शहर में गहराते भीषण जल संकट, नलों से आ रहे बदबूदार पानी और लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर सोमवार को सियासत पूरी तरह सुलग उठी। बदहाल जनसुविधाओं के खिलाफ गुस्साए शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के विकास भवन का घेराव कर जोरदार हल्लाबोल प्रदर्शन किया। हाथों में खाली मटके और वार्डों से लाए गए गंदे पानी के सैंपल लेकर सड़कों पर उतरे कांग्रेसियों ने निगम प्रशासन और सरकार की लचर कार्यप्रणाली की धज्जियां उड़ा दीं। सोमवार दोपहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता तिलक नगर स्थित कांग्रेस भवन में एकजुट हुए। यहाँ से शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और पूर्व महापौर रामशरण यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय तक आक्रामक पदयात्रा निकाली। प्रदर्शन का अंदाज बेहद तीखा था..कार्यकर्ता हाथों में खाली मटके थामे हुए थे, जो शहर की सूखी पड़ी जल-सप्लाई की पोल खोल रहे थे। नेहरू चौक होते हुए जैसे ही यह हुजूम नगर निगम कार्यालय पहुंचा, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और गहमागहमी हुई। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिधांशु मिश्रा ने कहा की जब शहर की जनता भीषण गर्मी में गंदा पानी पीने को मजबूर है, तब एसी कमरों में बैठे निगम के अफसर और जनप्रतिनिधि कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। टैंकरों तक की व्यवस्था नहीं होना शर्मनाक है।
बोतलों में ‘जहर’ लेकर पहुंचे कांग्रेसी, अफसरों से पूछा- क्या आप पिएंगे ऐसा पानी?
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और स्थानीय नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उनका आरोप था कि नगर निगम क्षेत्र के अधिकांश वार्डों में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भीषण गर्मी के इस दौर में दर्जनों सबमर्सिबल पंप हफ्तों से बंद पड़े हैं और जिन नलों से पानी आ भी रहा है, वह इतना मटमैला और बदबूदार है कि महामारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न वार्डों के नलों से भरा गया गंदा पानी कांच की बोतलों में लेकर सीधे निगम अधिकारियों के पास पहुंच गए। नेताओं ने अधिकारियों के मुंह के सामने दूषित पानी की बोतलें लहराते हुए तीखे सवाल दागे और पूछा कि क्या इस तथाकथित सुशासन में जनता को यही जहर पीने के लिए छोड़ दिया गया है?
पूर्व महापौर ने सरकार को घेरा, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी….
निगम परिसर में डटे कांग्रेस नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन जनता की बुनियादी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह फेल साबित हो चुके हैं। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व महापौर रामशरण यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महानगर और स्मार्ट सिटी के खोखले दावों के बीच जनता को पानी और बिजली जैसी मूलभूत चीजों के लिए भी तरसाया जा रहा है। अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की रात की नींद उड़ा दी है। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले कुछ दिनों के भीतर शहर में नियमित व स्वच्छ पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की गई और बिजली कटौती पर रोक नहीं लगी, तो इस आंदोलन को और उग्र करते हुए चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

