CSR फंड दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी; अंतरराज्यीय गैंग के 5 आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े!

रायगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) रायगढ़ साइबर पुलिस ने CSR फंड दिलाने के नाम पर की जा रही बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गैंग के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक महिला NGO कार्यकर्ता के बैंक खाते का इस्तेमाल कर करीब 2.17 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए थे। जानकारी के अनुसार इंदिरानगर रायगढ़ निवासी सामाजिक कार्यकर्ता आयशा परवीन ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला को आरोपियों ने CSR फंड और नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके NGO के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और बाद में उसे गुवाहाटी बुलाकर मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल कर खाते की पूरी एक्सेस ले ली। इसके बाद उसी खाते के माध्यम से देशभर में साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन किया गया। बाद में बैंक से संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिलने पर मामला सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपियों का नेटवर्क टेलीग्राम ग्रुप के जरिए सक्रिय साइबर फ्रॉड गैंग से जुड़ा हुआ था और ये लोग अलग-अलग राज्यों में ठगी के लिए कॉरपोरेट बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें 5 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मिलता था। पुलिस ने इस मामले में मितेश सोनी (दुर्ग), विजय चंद्रा (सक्ती), अजय साहू, अभय यादव और सचिन चौहान (रायगढ़) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल और 1 लैपटॉप जब्त किया गया है। प्रारंभिक जांच में महिला के खाते से जुड़े देशभर में 44 साइबर फ्रॉड शिकायतें सामने आई हैं। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जिले में साइबर थाना खुलने के बाद जांच में तेजी आई है और साइबर ठगी के नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अनजान लिंक, ऐप और लालच वाले ऑफर से सावधान रहने की अपील की है।
