धान संग्रहण मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा: विपक्ष का आरोप-चूहों ने खाया धान; मंत्री ने बताया गलत आरोप!

रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) विधानसभा में मंगलवार को धान खरीदी और संग्रहण के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। संग्रहित धान को चूहों द्वारा खाए जाने संबंधी खबरों को लेकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा की मांग की। हालांकि सभापति द्वारा प्रस्ताव नामंजूर किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि किसानों के धान को चूहों द्वारा खाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं, जिस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। उनके समर्थन में विपक्ष के अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। खरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा कि प्रदेश के कई स्थानों से धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचाने की खबरें आ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सुशासन का दावा करने वाली सरकार में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 22 लाख 71 हजार क्विंटल धान की कमी नजर आ रही है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कई जगह कर्मचारियों द्वारा चूहों को बदनाम किया जा रहा है और इस गंभीर विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। वहीं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदेश में 25 लाख किसानों से 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है और किसानों को 46 हजार 277 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि धान को चूहों द्वारा खाए जाने की बात पूरी तरह गलत है। मंत्री ने बताया कि धान संग्रहण व्यवस्था की निगरानी की जा रही है और लापरवाही के मामले में 78 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मंत्री के जवाब के बाद सभापति ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। नियमों के अनुसार गर्भगृह में जाने पर विपक्ष के सभी विधायक स्वमेव निलंबित हो गए। इसके बावजूद सदन में कुछ समय तक हंगामा जारी रहा।


















