ओपी चौधरी के बजट पर बिलासपुर में मिली-जुली प्रतिक्रिया; कर्मचारियों ने जताया आभार..पत्रकारों ने रखीं मांगें, व्यापारियों ने बताया निराशाजनक!

बिलासपुर: (भारतेन्दु कौशिक) प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा मंगलवार को विधानसभा में आम बजट प्रस्तुत किए जाने के बाद बिलासपुर में इसे लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विभिन्न वर्गों ने बजट के अलग-अलग पहलुओं पर अपनी राय रखी। जहां कर्मचारी संगठनों ने कुछ घोषणाओं का स्वागत किया, वहीं व्यापारी वर्ग ने जिले की उपेक्षा का आरोप लगाया। राजपत्रित कर्मचारी अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष आर.के. गुप्ता ने बजट को कर्मचारियों के लिए राहतभरा बताया। उन्होंने कहा कि संघ की 11 सूत्रीय मांगों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्रमुख थी, जिसे सरकार ने बजट में शामिल कर स्वीकृति दी है। इस निर्णय से कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद इजराइल ने बजट पर संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पत्रकारों के भ्रमण एवं अन्य सुविधाओं के लिए किए गए प्रावधान सराहनीय हैं। हालांकि उन्होंने मांग की कि पत्रकारों के लिए जमीन आवंटन, विज्ञापन सुविधा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि मीडिया कर्मियों को स्थायी सहयोग मिल सके। दूसरी ओर व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि अनिल तिवारी ने बजट को निराशाजनक बताया। उनका कहना है कि इस बार के बजट में बिलासपुर जिले के लिए कोई विशेष प्रावधान स्पष्ट रूप से नजर नहीं आया। न तो स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की ठोस घोषणा हुई और न ही शिक्षा एवं व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान महंगाई और आर्थिक दबाव के दौर में आम जनता और व्यापारियों को राहत देने वाले प्रावधान अपेक्षित थे। कुल मिलाकर प्रदेश के आम बजट को लेकर बिलासपुर में सकारात्मक और आलोचनात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बजट की घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होती हैं और आम लोगों को इसका वास्तविक लाभ कब तक मिल पाता है।
