BilaspurChhattisgarhRaftaar News Cg

बिलासपुर; लिखित आश्वासन से पलटा SECL प्रबंधन..रोजगार की मांग पर भूविस्थापितों ने एसईसीएल मुख्यालय पर डाला डेरा, गेट जाम की चेतावनी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कोरबा एवं कुसमुंडा क्षेत्र के भूविस्थापितों ने अर्जित भूमि के एवज में रोजगार की मांग को लेकर बिलासपुर मुख्यालय के बाहर डेरा डाल दिया है। भूविस्थापित पिछले कई वर्षों से क्षेत्रीय महाप्रबंधक से लेकर मुख्यालय तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं हो सका है। भूविस्थापितों ने इस मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी। न्यायालय ने 15 जनवरी 2025 को आदेश जारी करते हुए 45 दिनों के भीतर पात्र भूविस्थापितों को रोजगार देने के निर्देश दिए थे। कंपनी द्वारा इस आदेश के खिलाफ डिवीजनल बेंच में अपील की गई, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बावजूद भूविस्थापितों का आरोप है कि प्रबंधन न्यायालय के आदेश का पालन करने के बजाय उन्हें झूठे आश्वासन देकर गुमराह कर रहा है।

10 फरवरी तक निर्णय का वादा, फिर टालमटोल……

कई दौर के आंदोलन के बाद 29 जनवरी 2026 को प्रबंधन ने लिखित आश्वासन दिया था कि 10 फरवरी तक रोजगार के संबंध में निर्णय लेकर अवगत कराया जाएगा। 11 फरवरी को मुख्यालय पहुंचकर जानकारी लेने पर राजस्व विभाग की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे नाराज भूविस्थापितों ने उसी दिन से मुख्यालय के गेट के पास धरना शुरू कर दिया। पिछले पांच दिनों से विस्थापित परिवार खुले आसमान के नीचे बैठकर निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक रोजगार के संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं होता, वे मुख्यालय परिसर के बाहर डटे रहेंगे।

महिलाएं और बच्चे भी आंदोलन में शामिल…..

सोमवार को हुए प्रदर्शन में विस्थापित परिवारों की महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के लिए उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन दी, लेकिन अब रोजगार के वादे से मुकरा जा रहा है। उनका आरोप है कि अधिकारी भूमि अधिग्रहण के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन बाद में उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।

अधिकारियों के साथ बैठक बेनतीजा…….

दोपहर 1 बजे भूविस्थापितों की अधिकारियों के साथ बैठक हुई, जिसमें भू-राजस्व विभाग के महाप्रबंधक श्री लाल, प्रमुख सुरक्षा अधिकारी श्री मूर्ति और क्षेत्रीय थाना प्रभारी उपस्थित रहे। मांगों पर चर्चा के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका। इसके बाद शाम 5 बजे डायरेक्टर (योजना एवं परियोजना) के साथ पुनः बैठक प्रस्तावित की गई है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि इस बैठक में सकारात्मक निर्णय नहीं आता, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

17 फरवरी को दोनों गेट जाम की चेतावनी…..

लगातार आश्वासन और टालमटोल से आक्रोशित भूविस्थापितों ने 17 फरवरी को एसईसीएल मुख्यालय के दोनों गेट जाम करने की चेतावनी दी है। गेट जाम हड़ताल की सूचना प्रबंधन को लिखित रूप से दे दी गई है। भूविस्थापितों का कहना है कि अब वे किसी मौखिक या लिखित आश्वासन पर भरोसा नहीं करेंगे। उनका साफ कहना है कि जब तक न्यायालय के आदेशानुसार रोजगार नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

YOUTUBE RAFTAAR NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!
Latest
बिना टिकट ट्रेन में चढ़े तो खैर नहीं..43,710 यात्रियों पर कार्रवाई; रेलवे ने वसूले 3.13 करोड़! ‘हनुमान अंश’ के लिए उमड़ा जनसैलाब, बिलासपुर में 36 मॉल का सिनेमा हॉल हुआ हाउसफुल; वन्दे मातरम् मित्र... एसईसीएल के डिजिटल अस्पताल सिस्टम का कोल इंडिया में विस्तार, 2.2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा ... बिल्हा में घर के बाहर खड़ी बाइक पर चोरों की नजर, रेकी कर उड़ाई मोटरसाइकिल..पुलिस ने 24 घंटे में दबोच... लालखदान में बेखौफ चोर; दुकान के बाहर रखी 16 लोहे की प्लेटें पार, CCTV में कैद हुई करतूत..ओवरब्रिज के... शासकीय कार्य से जा रही महिला कर्मी को रोका, गाली-गलौज व धमकी; पांच आरोपी गिरफ्तार! गुरु बालक दास शहादत स्थल के विकास की मांग; 1 दिसंबर से पैदल मार्च की चेतावनी..सतनामी समाज ने राज्यपा... गतौरा गणेश पंडाल में बाजा बजाने को लेकर खूनी बवाल; युवक की हत्या..लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और छुरी से हम... जनदर्शन में गूंजी जनता की समस्याएं, कलेक्टर-एसएसपी ने सुनी फरियाद; जर्जर स्कूल भवन से लेकर 13 माह से... डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का बड़ा कदम : दुर्ग में शुरू हुई छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल, 30 बंदियों को मि...