बिलासपुर; सूरज की मौत पर परिजनों ने उठाए सवाल, कहा..यह आत्महत्या नहीं हत्या, सिर पर चोट और संदिग्ध सुसाइड नोट पर जांच की मांग!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी क्षेत्र के जयरामनगर निवासी 28 वर्षीय सूरज वस्त्रकार की संदिग्ध मौत अब हत्या के शक के साथ नया मोड़ ले रही है। परिजनों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर घटना को आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके लिए परिवार ने कलेक्टर बिलासपुर को लिखित आवेदन भी सौंपा है। घटना 14 मई 2025 की शाम 4 से 5 बजे के बीच की है। परिजनों के अनुसार सूरज का शव उसके कमरे में खून से लथपथ पाया गया था। उसके सिर पर गंभीर चोट थी, जिससे काफी खून बहा था। गले में एक गमछा बंधा हुआ था, जबकि दूसरा गमछा कमरे के पंखे से लटकता हुआ मिला। परिवार ने सवाल उठाया है कि यदि सूरज ने आत्महत्या की होती तो सिर पर गहरी चोट कैसे लगती? परिजनों का कहना है कि मौके से मिला कथित सुसाइड नोट बेहद संदिग्ध है। नोट दो अलग-अलग स्याही से लिखा गया है और उसमें सूरज के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में उसकी विश्वसनीयता स्वतः संदेह के घेरे में है। परिवार का आरोप है कि इस नोट को फॉरेंसिक जांच के लिए भी नहीं भेजा गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप…….
परिजनों ने 3 जून 2025 को एसएसपी रजनेश सिंह एवं एएसपी (ग्रामीण) अर्चना झा से भी शिकायत की थी कि मस्तूरी पुलिस ने न तो सूरज का मोबाइल डिटेल जांचा, न ही सुसाइड नोट को विशेषज्ञों के पास भेजा। परिजनों का मानना है कि कॉल डिटेल और राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट से असली साजिश और आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है। मृतक की बहन आरती वस्त्रकार ने कहा कि परिवार न्याय चाहता है और जब तक वैज्ञानिक और तकनीकी जांच नहीं हो जाती, सूरज की मौत को आत्महत्या मानना गलत होगा। परिवार ने कलेक्टर से इस मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों के संदेह और पोस्टमार्टम में मिले चोटों ने सूरज की मौत की गुत्थी को और उलझा दिया है, जिसका जवाब अब जांच के बाद ही मिल पाएगा।
