चौंकाने वाली लापरवाही, मृत पंचायत सचिव के नाम पर जारी कर दिया धान खरीदी का आदेश…..

सक्ती: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारियों के बीच सक्ती जिले से प्रशासनिक उदासीनता का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डभरा तहसील के बड़े कटेकोनी गांव स्थित खरीदी केंद्र में शासन द्वारा जो आदेश जारी हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, जिस पंचायत सचिव को यहां का खरीदी प्रभारी और समिति प्रबंधक नियुक्त किया गया है, वे कुछ दिन पहले ही दुनिया छोड़ चुके हैं। प्रदेशभर में सहकारी समिति प्रबंधक और ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण धान खरीदी व्यवस्था चरमरा गई है। किसानों की बढ़ती चिंता को देखते हुए शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सभी जिलों में पंचायत सचिवों को खरीदी प्रभारी बनाने का निर्देश दिया था। लेकिन सक्ती जिले में जारी इसी आदेश ने प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी। आदेश में ‘मृत कर्मचारी’ का नाम बड़े कटेकोनी समिति के लिए जारी सूची में जीतराम महेश्वरी का नाम खरीदी प्रभारी के रूप में दर्ज है, जबकि स्थानीय स्तर पर यह सर्वविदित है कि उनकी मृत्यु कुछ दिन पहले ही हो चुकी है। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी पीडीएफ की सूची में क्रमांक 81 पर मृतक सचिव का नाम दर्ज है। सवाल सिर्फ गलती का नहीं, सिस्टम की संवेदनहीनता का है, यह मामला महज़ एक टाइपिंग एरर या लिपिकीय भूल नहीं माना जा सकता। धान खरीदी जैसे राज्यव्यापी अभियान में जहां लाखों किसान जुड़े हैं, वहां एक मृत कर्मचारी को जिम्मेदारी सौंप देना दर्शाता है कि जमीन स्तर की हकीकत से प्रशासन कितना कट चुका है। व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल यदि एक केन्द्र में ऐसी गंभीर चूक हो सकती है, तो प्रदेशभर में जारी तैयारियों की विश्वसनीयता पर भी चर्चा शुरू हो गई है। किसानों का कहना है कि जब आदेश जारी करने वालों को यह तक नहीं पता कि किसे नियुक्त किया जा रहा है, तब खरीदी सीजन कितनी व्यवस्थित चलेगी, इसका अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं।
