मुंशी की बेरहमी से हत्या, मामूली विवाद ने ली खौफनाक शक्ल, नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए…..

दुर्ग: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। मामूली विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि तीन मजदूरों ने मिलकर ईंट भट्टा के मुंशी की बेरहमी से हत्या कर दी। यह घटना चंगोरी गांव स्थित शिवलाल चक्रधारी के ईंट भट्टे की है, जहां 24 अगस्त की रात शराबखोरी के बीच हुए झगड़े ने खूनी अंजाम ले लिया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान किशन लाल साहू (मुंशी) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में इसे हादसा बताया गया था, लेकिन गहराई से पड़ताल करने पर यह संगठित हत्या का मामला निकला।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश…..
24 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे आरोपी मजदूर काशीराम चौहान, धनसाय साहू और एक नाबालिग अपने क्वार्टर के बाहर बैठकर शराब पी रहे थे। उसी दौरान किशन लाल वहां पहुंचा और पुराने विवाद को लेकर झगड़ने लगा। वाद-विवाद इतना बढ़ गया कि तीनों ने मिलकर उसकी हत्या करने की ठान ली। पहले आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से किशन लाल को मारा, फिर पकड़कर दबोच लिया। इसके बाद काशीराम चौहान ने पास में रखी टंगिया से उसके सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से किशन लाल वहीं गिर पड़ा और खून से लथपथ हो गया। हत्या के बाद आरोपी घबरा गए और वारदात को हादसा दिखाने की योजना बनाई। काशीराम ने मृतक के मोबाइल से भट्टा मालिक सुभाष चक्रधारी को फोन कर बताया कि शराब पीते समय मजाक-मजाक में किशन लाल गिर पड़ा और टंगिया से चोट लग गई। मालिक तुरंत कार से किशन लाल को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन 25 अगस्त की सुबह उसकी मौत हो गई। पुलिस ने खोला राज प्रारंभिक रूप से थाना दुर्ग में मर्ग दर्ज हुआ, लेकिन बाद में जांच अंजोरा चौकी पुलिस को सौंपी गई। जब मजदूरों से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने हत्या की साजिश कबूल कर ली। आरोपियों ने बयान में बताया कि अक्सर खाने-पीने और अन्य बातों को लेकर झगड़े होते थे। घटना की रात भी विवाद इसी बात को लेकर हुआ था। हत्या के बाद आरोपियों ने टंगिया और शराब की बोतल खेत के मेढ़ किनारे फेंक दी, जबकि खून से सना टी-शर्ट और अन्य कपड़े क्वार्टर में छुपा दिए। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर सभी सबूत बरामद कर लिए। मामले में काशीराम चौहान, धनसाय साहू और नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका….
इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी अंजोरा संतोष कुमार साहू और उनकी टीम के साथ एसीसीयू की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बारीकी से पूछताछ और घटनास्थल की जांच के बाद ही हत्या का सच सामने आ सका। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मजदूरों के बीच साधारण विवाद और शराबखोरी ने एक निर्दोष की जान ले ली, जिससे ईंट भट्टा संचालकों और श्रमिकों में दहशत का माहौल है।


















