बलौदाबाजार उप जेल में बंद कैदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाए पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) बलौदाबाजार उप जेल में बंद कैदी उमेंद्र बघेल की शुक्रवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस और जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और मारपीट के आरोप लगाए हैं। मृतक की पत्नी शकुंतला बघेल ने न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनके पति शराब का सेवन जरूर करते थे, लेकिन कारोबार से उनका कोई लेना-देना नहीं था। जानकारी के अनुसार, 8 जून को पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम खैरी में आबकारी एक्ट के तहत शराब बनाने के आरोप में उमेंद्र बघेल सहित पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर उप जेल बलौदाबाजार भेजा गया। वहीं, जेल में उमेंद्र की तबीयत बिगड़ने पर 10 जून को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी शकुंतला बघेल ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “अगर मेरे पति की तबीयत बिगड़ी थी, तो हमें सूचना क्यों नहीं दी गई? क्या वह इलाज के लायक नहीं थे? क्या एक गरीब की जान की कोई कीमत नहीं होती?” शकुंतला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पति को बेवजह फंसाया और जेल में उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने शासन से निष्पक्ष जांच की मांग के साथ ही अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए मदद की गुहार लगाई है। इस घटना से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मृतक का पंचनामा और पोस्टमार्टम न्यायाधीश की उपस्थिति में कराया गया। शव परिजनों को सौंप दिया गया है। इस मामले में जब उप जेल के प्रभारी अभिषेक मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका पक्ष नहीं मिल सका।
