बिलासपुर, मुंगेली बॉर्डर बना नशे का हॉटस्पॉट; जरहागांव में नशे का अड्डा बंद होगा या प्रशासन करेगा आंख मूंदने का खेल? अवैध शराब और नशे पर शिकंजा कब? नगर पंचायत का अल्टीमेटम, अब पुलिस की बारी, खबर पढ़कर समझिए पूरा मामला…….


मुंगेली: (प्रांशु क्षत्रिय) “अब नशा नहीं, सख्ती होगी!”– इस नारे के साथ जरहागांव नगर पंचायत ने अवैध शराब और नशीली पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में हुए नगर पंचायत के पहले विशेष सम्मेलन में अध्यक्ष रुपाली वेदप्रकाश कश्यप, उपाध्यक्ष मनोज कश्यप और सभी पार्षदों ने एकजुट होकर अवैध नशाखोरी के खिलाफ कड़ा निर्णय लिया। पुलिस को लिखित पत्र भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। जरहागांव और छतौना बॉर्डर पर अवैध नशीले पदार्थों की खुली बिक्री हो रही है। ढाबों और चिकन सेंटर्स की आड़ में देर रात तक शराब परोसी जाती है, जिससे नशेड़ियों के लिए यह इलाका सुरक्षित अड्डा बनता जा रहा है। नगर पंचायत के पदाधिकारियों का कहना है कि इन जगहों पर असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के कारण शाम होते ही माहौल खराब हो जाता है और अपराध को बढ़ावा मिलता है। जरहागांव में देशी-विदेशी शराब दुकानों के पास नियम विरुद्ध अवैध चखना सेंटरों का संचालन हो रहा है। लेकिन अब तक पुलिस और आबकारी विभाग की नज़र नहीं पड़ी! नतीजा यह कि शाम होते ही यह जगह नशेड़ियों का अड्डा बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन चखना सेंटरों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। जरहागांव, बिलासपुर और मुंगेली जिले के बॉर्डर पर स्थित होने के कारण नशे का ट्रांजिट पॉइंट बनता जा रहा है। नाइट्रा जैसे खतरनाक नशीले पदार्थों की सप्लाई यहां से धड़ल्ले से हो रही है। इसकी चर्चा लंबे समय से हो रही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नगर पंचायत के पदाधिकारियों ने पुलिस को लिखित पत्र सौंपकर अवैध शराब और नशीली पदार्थों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस इन अवैध गतिविधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करेगी, या फिर यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा? जनता अब कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर रही है। अब देखना यह है कि जरहागांव पुलिस कब तक इस नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए कदम उठाती है!

