सीपत में जन समस्या शिविर का किया गया आयोजन, आपस में भिड़े क्षेत्रीय नेता, बवाल


सीपत :- (प्रांशु क्षत्रिय) सोमवार को सीपत के सामुदयिक भवन परिसर में खण्ड स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में सीपत, झलमला, कौवाताल, जांजी, बरेली, गुड़ी, पोड़ी, नवागांव, मचखण्डा, कर्रा, नरगोड़ा, दर्राभांठा के ग्रामीण अपनी समस्याओं व मांगो को लेकर पहुंचे। शिविर के शुभारंभ में मुख्य अतिथि मछुआ कल्याण बोर्ड छतीसगढ़ शासन के उपाध्यक्ष राजेंद्र धीवर ने बच्चों को जाति प्रमाण पत्र वितरित किए। राजेंद्र धीवर ने कहा कि शासन के द्वारा यह शिविर एक अच्छा पहल है। उन्होंने ग्रामीणों को प्रदेश सरकार के द्वारा हर वर्गों के लिए चलाए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी व उन्होंने शिविर से लाभान्वित होने का आग्रह किया। मस्तूरी एसडीएम महेश शर्मा व सीईओ कुमार सिंह लहरे ने कहा कि इस जनससमया निवारण शिविर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य आप सभी की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना है। आप सभी इस शिविर में अपनी समस्याओं एवं मांगों को रखें ताकि, इस पर कार्यवाही कर आपको सुविधा प्रदान की जा सके। शिविर में तहसीलदार श्रीमती माया अंचल, नायब तहसीलदार राहुल कौशिक, पंचायत सचिव हेमंत पटेल, पटवारी देव कुमार कश्यप, भाजपा नेता दिलेन्द्र कौशिल, बुटन पाटनवार, प्रमोद जायसवाल, अशोक सूर्यवंशी, दुर्गा तिवारी, उमेश चन्द्राकर, विजय गुप्ता, अभिलेश यादव, मन्नू सिंह, सीपत उपसरपंच श्रीमती प्रमिला देवी सिदार उपस्थित रहे।
जन समस्या निवारण शिविर में इन विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
शिविर में महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, विद्युत विभाग, राशन कार्ड पेंशन शाखा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, मत्स्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यान सहकारिता खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं ग्राम पंचायत ग्रामीण जनों के समस्याओं के निराकरण के लिए उपस्थित रहे। सभी विभागों के अधिकारियों ने सरकार के द्वारा चलाए योजनाओं की जानकारी दी।
शिविर में मांगो व शिकायतों की 132 आवेदन, 64 आवेदन का त्वरित निराकरण
शिविर में मांगो व शिकायतों के लिए प्राप्त कुल 132 आवेदन में से 64 आवेदनों का मौके पर निराकरण किया गया व 68 आवेदन लंबित रहे। इसमें सर्वाधिक 86 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्राप्त हुए। ज्यादातर ग्रामीण आवास, पेंशन, गैस सिलेंडर व बिल में बढ़ोत्तरी के आवेदन को लेकर शिविर में पहुंचे थे।
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जन समस्या निवारण शिविर में प्रशासनिक मंच में हुआ राजनितिकरण, मचा बवाल
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जन समस्याओं के निवारण हेतु क्षेत्रीय ग्रामीणजनों के बीच शिविर का आयोजन किया गया था, ताकि लोगों को छोटे- छोटे समस्याओं के लिए तहसील एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के पास घूमना न पड़े। लेकिन इस प्रशानिक मंच पर ही क्षेत्रीय कांग्रेस व भाजपा नेताओं के बीच पार्टी के कार्यकाल में हुए कार्यों को लेकर बवाल शुरू हो गया। तहसीलदार माया अंचल ने जिन्हें प्रशानिक मंच पर इस तरह का राजनितिकरण नहीं करने की समझाइश दी जिससे दोनों पार्टी के नेता शांत हुए।
कांग्रेस नेता उमेश चंद्राकर:- कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता होने के नाते हमारा फर्ज बनता हैं, हम पार्टी के कार्य को जन- जन तक बतलाए। हमने मंच पर किसी सरकार के खिलाफ बाते नहीं की हम अपने सरकार की बाते रखे हैं।
भाजपा नेता दिलेंद्र कौशिल :- कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 15 साल में भाजपा के कार्यकाल को लेकर भाषण माइक से दी जाती है, यह सरकारी मंच था, यहां इस प्रकार का भाषण नहीं दिया जाना था, इस सरकारी मंच की गरिमा को समझना था।
सीईओ कुमार सिंह लहरे:- जनसमस्या निवारण शिविर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जन प्रतिनिधियों का एवं आम नागरिकों का सामूहिक दायित्व होता हैं, यहा इस तरह प्रशासनिक मंच पर राजनितिकरण नहीं किया जाना था।

