बिलासपुर! शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण: पूर्व में भी 2 महिलाओं के साथ धोखाधड़ी किया था आरोपी, हो गई आजीवन कारावास की सजा, पढ़िए पूरी खबर…….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण करने वाले आरोपी अशोक राजवाड़े को विशेष न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी पर 50000 का जुर्माना भी लगाया। आरोपी पहले से ही दो महिलाओं से शादी कर उन्हें छोड़ चुका था। न्यायालय ने उसकी पूर्व पत्नियों के बयानों को दोष सिद्ध करने का अहम आधार माना। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उसे प्रेम और विवाह का झांसा देकर बिलासपुर बुलाया और एक नोटरी दस्तावेज बनवाकर उसे अपनी पत्नी के रूप में रखा। इस दस्तावेज के आधार पर उसने पीड़िता का तीन वर्षों तक शारीरिक शोषण किया। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है। साथ ही वह अपनी पहली पत्नी को छोड़कर दूसरी महिला से विवाह कर चुका था, जिसे बाद में त्याग दिया। जब पीड़िता ने आरोपी से इस बारे में सवाल किया, तो उसने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने पीड़िता को पत्नी के रूप में अपनाने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस चौकी सीएसईबी थाना कोतवाली कोरबा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376(2)(n), 417, 294, 506(b) के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(5) के तहत मामला दर्ज किया। मामले की विवेचना तत्कालीन चौकी प्रभारी कृष्णा साहू द्वारा की गई, जिनका सहयोग आरक्षक देवनारायण कुर्रे ने किया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम न्यायालय कोरबा में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपी की दो पूर्व पत्नियों को बतौर साक्षी प्रस्तुत किया गया, जिन्होंने आरोपी के आपराधिक कृत्यों की पुष्टि की। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने छलपूर्वक पीड़िता से सहमति ली थी, जबकि पीड़िता ने स्वच्छ अंतःकरण से विवाह का भरोसा करते हुए संबंध बनाए थे। इस प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक कमलेश उपाध्याय ने पैरवी की। न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।


















