BILASPUR: नौकरी पाते ही परिवार की जिम्मेदारी उठाने के उद्देश्य से श्रीप्रसाद पहुंचा बिलासपुर, रेल्वे में कर रहा था अप्रेंटिस ट्रेनिंग, करेंट की चपेट में आने के बाद तोड़ा दम, मुआवजे की मांग को लेकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवकों ने मचाया हंगामा…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) नौकरी की आस लिए एक बेरोजगार युवक रेल्वे के एक्ट अप्रेंटिस में ट्रेनिंग करने के लिए गया था। घर में कहा था कि प्रशिक्षण के बाद नौकरी मिल जाएगी। पूरे घर की जिम्मेदारी उठा लूंगा। लेकिन मंगलवार को उसकी ट्रेनिंग करते-करते करंट की चपेट में आ गया। रेलवे हॉस्पिटल में युवक को ले जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद ट्रेनिंग कर रहे एक्ट अप्रेंटिंस के युवकों ने भारी हंगामा मचाया।

रेलवे प्रतिवर्ष बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए एक्ट अप्रेंटिस के तहत प्रशिक्षण देता है। जिसके लिए आईटीआई होना जरूरी है। प्रतिवर्ष की तरह बिलासपुर रेल मंडल में कुछ दिन पहले एक्ट अप्रेंटिस के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था। दर्जनों बेरोजगारों की तरह भुसावल निवासी श्रीप्रसाद काले उम्र 23 साल ने भी आवेदन दिया था। इस आवेदन के अनुसार श्रीप्रसाद काले और अन्य युवकों को कोचिंग डिपो में प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रतिदिन की तरह मंगलवार की सुबह 8 बजे अन्य एक्ट अप्रेंटिस बेरोजगारों के साथ श्रीप्रसाद काले भी बीसीएन कोचिंग डिपो में ट्रेनिंग के लिए पहुंचा था, जहां वह खुले तार में करंट की चपेट में आ गया। करंट लगने के कारण मौके पर श्रीप्रसाद काले को बेहोश देखकर दूसरे एक्ट अप्रेंटिस व रेल कर्मचारियों ने उसे तत्काल उपचार के लिए रेल्वे हास्पिटल में भर्ती कराया। हास्पिटल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने श्रीप्रसाद काले को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना मिलते ही अन्य एक्ट अप्रेंटिसों ने अस्पताल में हंगामा मचाना शुरु कर दिया। एक्ट अप्रेंटिसों ने श्रीप्रसाद काले की मौत के बाद रेलवे से मुआवजा देने की मांग की। हास्पिटल में हंगामे की सूचना मिलते ही बिलासपुर रेल मंडल के अपर रेल मंडल प्रबंधक सहित आरपीएफ व लोकल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने युवकों को समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद युवकों ने डीआरएम कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया, जिन्हें मौखिक आश्वासन देकर विदा कर दिया गया।

अगस्त 2023 में आया था भुसावल सेः-
एक्ट अप्रेंटिस मृतक श्रीप्रसाद मूलतः भुसावल का रहने वाला है, जिसने वर्ष 2023 में रेल्वे के नोटिफिकेशन के आधार पर बिलासपुर एसईसीआर जोन में आवेदन किया था। इस आवेदन के बाद उसे रेल्वे ने कोचिंग डिपो में एक्ट अप्रेंटिस के प्रशिक्षण के लिए चुना था। रेलवे का पत्र मिलने के बाद श्रीप्रसाद काले ने 3 अगस्त 2023 को कोचिंग डिपो में एक्ट अप्रेंटिस की ट्रेनिंग शुरु की थी।
नहीं दिया जाता सुरक्षा उपकरण:-
एक्ट अप्रेंटिस के युवकों ने बताया कि बीसीएन कोचिंग डिपो में श्रीप्रसाद काले की मौत के कुछ दिनों पहले अनूपपुर में भी घटना हो चुकी है। कोचिंग डिपो में एक्ट अप्रेंटिस का ट्रेनिंग लेने वाले युवकों को रेल अफसर एक मजदूर की तरह काम कराते हैं। हजार वोल्ट का काम करने के लिए रेल्वे की ओर से किसी तरह के सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किए जाते हैं, जिसकी वजह से प्रतिदिन किसी न किसी तरह की घटना होने की आशंका बनी रहती है।
एसईसीआर ने कहा- मौत का कारण पीएम के बाद:-
बीसीएन डिपो में करंट की चपेट में आने के बाद श्रीप्रसाद काले की मौत पर रेल्वे ने एक लिखित विज्ञप्ति जारी की है, जिसमें कहा गया है कि बीसीएन डिपो बिलासपुर में एक्ट अप्रेंटिस के तहत कार्यरत श्रीप्रसाद काले को कार्य के दौरान अचानक गिरते देखकर सहकमियों द्वारा उन्हें ईलाज हेतु तुरंत रेल्वे अस्पताल ले जाया गया। रेलवे अस्पताल में ईलाज के दौरान डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित किया गया। स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी तुरंत सूचना दी गई। इसके साथ ही परिजनों को भी इसकी जानकारी दी गई। मृत्यु होने के कारणों का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा। यह बहुत ही दुखद घटना है, रेल्वे प्रशासन इस पर गहरी संवेदना व्यक्त करता है। जांच के बाद कमर्चारी मुआवजा अधिनियम के तहत उनके परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा। भुसावल से आ रहे उनके परिजनों को रेल प्रशासन हर संभव सहायता पहुचाएगा।
